खजुराहो। श्री मतँगेश्वर सेवा समिति, दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर, विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, जैन समाज एवं ब्रह्मकुमारी संगठन के प्रतिनिधियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर खजुराहो के विश्व धरोहर स्मारकों के संरक्षण, सुरक्षा एवं पर्यटन सुविधाओं में व्यापक सुधार की मांग की।
ज्ञापन महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली एवं अतिरिक्त महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जबलपुर मंडल को संबोधित किया गया। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई। ज्ञापन में स्मारकों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, नियमित साफ-सफाई, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने तथा पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की गई। साथ ही कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर कमलकांत वर्मा एवं आफताब हुसैन की जिम्मेदारी सिद्ध होने पर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग भी की गई।
मतँगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा ने कहा कि खजुराहो भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सनातन एवं हिन्दू धार्मिक स्थलों पर मुस्लिम संप्रदाय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति न की जाए तथा इस संबंध में सरकार स्पष्ट नीति बनाए। इस अवसर पर राकेश जैन ने जैन मंदिर परिसर स्थित आदिनाथ एवं शांतिनाथ मंदिर पर उग आए पेड़ों को हटाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान परशुराम तिवारी, सचिन पाठक, राकेश राजोरिया, विनय जैन एवं मनोज जैन सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिवस के भीतर ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, श्री मतँगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के नेतृत्व में चरणबद्ध आंदोलन प्रारम्भ किया जाएगा