- सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल के प्रयास रंग लाये
ग्वालियर। ग्वालियर के जिला चिकित्सालय एवं मुरार प्रसूति गृह में व्यवस्थायें अब सुधर रही है। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की डयूटी राउंड द क्लाक लगाई जा रही है और इमरजेंसी की व्यवस्थायें भी 24 घंटे बेहतर रहें इसके निर्देश दिये गये है। इसके साथ ही एच-1व एन -1 के बीमारी फैलने की आशंका के चलते एक वार्ड भी मुरार जिला चिकित्सालय में बनाया गया है।
जिला चिकित्सालय एवं मुरार प्रसूति गृह में यह सब व्यवस्थायें सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल के पदभार संम्हालने के बाद से पटरी पर लौटी है। सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल ने जिला चिकित्सालय और प्रसूति गृह को व्यवस्थाओं में न केवल सुधारा है बल्कि प्रत्येक आने वाले मरीज की तत्काल सुनवाई , उसका परीक्षण व इलाज हो इसकी व्यवस्थायें दुरूस्त की है। जिला कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान भी लगातार जिला चिकित्सालय व प्रसूति गृह की व्यवस्थायें सुधारने के लिये प्रयास कर रही थीं, अब डा सीमा जायसवाल ने सिविल सर्जन का पद संम्हालने के बाद जिला चिकित्सालय व प्रसूति गृह का कायापलट कर दी है। अब चिकित्सालय व प्रसूति गृह में प्रवेश करने के बाद मरीज व उसके परिजनों को स्वच्छ वातावरण मिलता है, वहीं तत्काल इलाज भी मुहैया हो रहा है। चिकित्सक व अन्य स्टाफ भी समय पर आने लगे है। डा सीमा जायसवाल ने आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्पष्ट हिदायत दे रखी है कि काम ईमानदारी से करें तो कोई दिक्कत नहीं , अगर लापरवाही बरती या शिकायत आई तो वह बख्शेंगी नहीं।
अब जिला चिकित्सालय व प्रसूति गृह में व्यवस्थायें सुधरी है। पहले आउट सोर्स स्टाफ व अन्य कर्मी मरीजों को परेशान कर लेन देन कर लेते थे, लेकिन अब इस पर सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल की सख्ती से इस पर रोक लगी है। सिविल सर्जन स्वयं परिसर में भ्रमण कर मरीजों का हाल चाल पूछती है व उनकी मदद को तैयार रहती है । प्रसूति गृह में भी उन्होंने व्यवस्थाओं को सुधारने पर फोकस किया है। सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल ने जिला चिकित्सालय में एच-1एन -1 स्वाइन फलू डेंगू के उपचार की बेहतर व्यवस्था करने के लिये न केवल वार्ड बनाये है बल्कि योग्य चिकित्सकों व स्टाफ को को भी तैनात किया है। इसी के साथ एच-1 एन -1 व डेंगू की जांच की व्यवस्था की है।
सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल ने जिला चिकित्सालय व प्रसूति गृह में ईमानदारी से डयूटी करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले इसके लिये विशेष प्रयास कर सिस्टम को सुधारा है। अब इन आउट सोर्स कर्मियों को जून-जुलाई का पेंडिंग वेतन मिल चुका है, अगस्त का प्रोसेस में आ गया है। सारे ईएसआई , ईपीएफ भी समय पर कटौती होगा इनके कर्मचारी खाते में जमा हो इसकी भी समुचित प्रक्रिया की गई है। सिविल सर्जन डा सीमा जायसवाल का कहना है कि आउटसोर्स कर्मियों व अन्य स्थाई कर्मियों के हितों के साथ वह कतई लेतलाली नहीं सहेंगी, और इसमें लापरवाही पर कार्रवाई भी करने में हिचकेंगी नहीं।