ग्वालियर। निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन की छतों पर पानी भरने एवं अन्य तकनीकी खामियों की जाँच के तकनीकी समिति के माध्यम से कराई जायेगी। इस समिति की रिपोर्ट के बाद ही रेलवे स्टेशन उन्नयनीकरण कार्यों को पूर्ण करने की समयावधि बढ़ाने की अनुमति प्रस्तावित की जायेगी। इस आशय का निर्णय सांसद भारत सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में लिया गया। इस अवसर पर सांसद कुशवाह ने कहा कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन के एकीकृत पुनर्विकास से संबंधित सभी कार्य आगामी 40 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पूर्ण किए जाएं। इसमें कोई ढ़िलाई न हो और सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं । उन्होंने रेलवे स्टेशन के कार्यों में तेजी लाने और यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखने पर विशेष बल दिया। ज्ञात हो लगभग 535 करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर रेलवे स्टेशन का उन्नयनीकरण कार्य प्रगति पर है।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई दिशा की बैठक में सांसद कुशवाह ने इस समिति के सदस्यों को बारीकी के साथ छतों पर जल भराव एवं अन्य तकनीकी खामियों की जाँच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टेशन बजरिया की दुकानों को शिफ्ट करने के संबंध में यहाँ के दुकानदारों के साथ बैठक करने के लिये कलेक्टर से कहा। सांसद ने कहा कि दुकानदारों की सहमति लेकर उचित स्थान पर स्टेशन बजरिया की दुकानों को शिफ्ट कराएं, जिससे रेलवे स्टेशन उन्नयनीकरण प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन बजरिया की दुकानों को हटाकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा सके। शहर की दीर्घकालीन पेयजल व्यवस्था के लिये निर्माणाधीन चंबल प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान सांसद कुशवाह ने कहा कि चंबल से ग्वालियर तक पानी लाने से संबंधित कार्यों को भी पहले पूर्ण करें। उन्होंने प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेस्टर्न बाइपास के निर्माण कार्य के लिये मुरम व गिट्टी इत्यादि चिन्हित खदानों एवं सड़क मार्गों से ही लाई जाए। साथ ही सामग्री परिवहन की वजह से खराब हो रहीं जिले की सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मूल रूप में लाएं। इसमें कोई ढिलाई न हो। बैठक में बताया गया कि वेस्टर्न बाइपास का लगभग 20 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। इसी तरह आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे से संबंधित भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। साथ ही प्रोजेक्ट का काम भी जारी है। बैठक में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, विधायक मोहन सिंह राठौर, कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल, भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण प्रेम सिंह राजपूत, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा एवं कमल माखीजानी, दीपक शर्मा, देवेन्द्र कौरव व मनोज भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
बैठक की अन्य खास बातें एवं निर्देश
जो गाँव सोन चिरैया अभ्यारण्य से बाहर (डी-नोटिफाइड) हो चुके हैं। उनमें मूलभूत सुविधाओं के विकास में वन विभाग अनुमति देकर सहयोग करे।
ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत तैयार हो चुके भवनों में जल्द से जल्द बिजली सप्लाई दें, जिससे इन भवनों को शासकीय सेवकों को आवंटित किया जा सके।
पराली प्रबंधन के लिये शासन से अनुदान पर अतिरिक्त सुपर सीडर व स्ट्रारीपर प्राप्त करने के लिये प्रस्ताव भेजे जाएं।
जिन आंगनबाड़ी केंन्द्रों के भवन बन चुके हैं, उन्हें इन भवनों में शिफ्ट करें। निर्माणाधीन भवनों में लाएं तेजी और शेष भवनों की स्वीकृति के लिये शासन को प्रस्ताव भेजें।
रबी के लिये पहले से ही पर्याप्त खाद का भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश बैठक में दिए गए हैं। जिससे किसानों को समय से खाद मिल सके।
पीएम जन-मन के तहत निर्माणाधीन सड़कों इत्यादि के लिये वन विभाग जल्द से जल्द एनओसी प्रदान करें।
रबी में अधिकाधिक किसानों का फसल बीमा कराया जाए। बीमा एजेंसी, कृषि व उद्यानिकी अधिकारियों को मंडी में जाकर फसल बीमा करने के दिए निर्देश।
जिन पुल व सड़कों का निर्माण पूर्ण हो सका है, उनका जल्द से जल्द लोकार्पण कराएं, जिससे आम जनता इनका उपयोग कर सके।
एलीवेटेड रोड के निर्माण से क्षतिग्रस्त हुईं प्रत्येक सीवर लाइन तत्काल दुरुस्त करें।