आदेश तक की सीमित न रहें उस पर अमल भी कराएँ: कलेक्टर श्रीमती चौहान

ग्वालियर  एसडीएम एवं राजस्व अधिकारी जो भी आदेश पारित करें, उसका अमल भी कराएँ। साथ ही सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर यदि कोई ऐसी शिकायत सामने आती है जिससे संबंधित प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है या निर्णय हो चुका है, तो आरसीएमएस में दर्ज उस प्रकरण का नम्बर सीएम हैल्पलाइन के जवाब में प्रदर्शित करें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर पिछले 6 माह में राजस्व न्यायालय में पारित हुए आदेशों पर अमल कराने के निर्देश भी दिए। 
बैठक में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सीएम हैल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने वाले आवेदकों से फोन से चर्चा कर शिकायत निराकरण की वस्तुस्थिति भी जानी। उन्होंने सीएम हैल्पलाइन में सामने आई नामांतरण संबंधी शिकायतों के निराकरण में देरी पर नाराजगी जताई। साथ ही निर्देश दिए कि इसके लिये दोषी तहसीलदार व नायब तहसीलदारों पर लोक सेवा गारंटी कानून के तहत अर्थदण्ड लगाएं। कलेक्टर ने एल-1 स्तर पर शिकायत अटेंड न करने पर लश्कर मंडी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ व मोटे अनाज के उपार्जन के लिये जिले में स्थापित किए गए सभी उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिये छाया, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधायें सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि तौल कांटा, बारदाना, मॉइश्चर मीटर व ड्रॉप गेट का इंतजाम भी पुख्ता रहे। सभी एसडीएम व्यक्तिगत रूप लेकर यह व्यवस्थायें कराएं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सभी एसडीएम व उपार्जन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उपार्जन के लिये पंजीयन कराने व स्लॉट बुक कराने के लिये जागरुक करें। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की तिथि 9 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। वर्तमान में मंडी में गेहूँ के भाव गिर रहे हैं। इसलिए किसान भाई पंजीयन नहीं करायेंगे तो वे समर्थन मूल्य पर गेहूँ नहीं बेच पायेंगे। 
बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी निजी स्कूल में बच्चों से यदि निर्धारित शुल्क से ज्यादा राशि की शिकायत सामने आई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा शासन के दिशा-निर्देशानुसार कोई भी स्कूल किसी भी कक्षा की पिछली साल की फीस से 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं ले सकता है। इससे ज्यादा फीस बढ़ाने पर जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन लेना अनिवार्य है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि अभिभावकों व बच्चों से फीस संबंधी शिकायतें प्राप्त करने के लिये हैल्पलाइन नम्बर जारी करें। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम व राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिटफंड कंपनियों की कुर्क की गई संपत्तियों का उल्लेख खसरे के कॉलम नं.12 में अनिवार्यत: कराएं, जिससे यह सम्पत्ति अनाधिकृत रूप से बिकने न पाए। उन्होंने यह काम 15 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में जोर देकर कहा कि सभी विभाग 30 अप्रैल तक हर हाल में ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइलों के आदान-प्रदान की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। जिन विभागों के अधिकारी यह काम नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में “पढ़ाई भी-पोषण” भी कार्यक्रम की समीक्षा भी की। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण निवारण के लिये जिले के सभी पोषण पुनर्वास केन्द्रों (एनआरसी) की क्षमताओं का उपयोग करें। इसमें कोई ढ़िलाई न हो। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम व टीएन सिंह मौजूद थे। 

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