आबादी भूमि की रजिस्ट्री के लिये गाँव-गाँव ई-केवायसी का काम जारी
ग्वालियर। “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन” अभियान के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री करने के लिये जिले में ई-केवायसी का कार्य जारी है। शनिवार को जिले के ग्राम समूदन, चिरूली, मसूदपुर, टिकटौली, बाजना, भगेह, रिछारीकला व सुपाट सहित अन्य ग्रामों में मैदानी शासकीय सेवकों द्वारा ई-केवायसी का कार्य किया गया। इस कार्य में ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक व तहसील के कर्मचारी भी महती भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही ग्राम पंचायत के सेवाभावी युवाओं व नागरिकों का भी इस कार्य में सहयोग लिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन” योजना के तहत रजिस्ट्री करने के लिये हितग्राही के आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग तथा आवेदक की समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से संचालित हो रही है। ‘संपदा’ एप पर पंजीयन अधिकारी द्वारा विलेख (रजिस्ट्री) का पंजीयन किया जाएगा। संबंधित प्रक्रिया में भूलेख एप/पोर्टल के माध्यम से भूमि स्वामी की आधार ई-केवाईसी एवं लैंड लिंकिंग की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही ‘सारा’ एप पर निष्पादन और ‘संपदा’ एप पर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन होगा। पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसकी संपूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों की संपत्ति के आधार पर सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्मित निजी अधिकार अभिलेखों का पंजीयन सरकार द्वारा इस अभियान के तहत किया जा रहा है। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनकी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।