अब 25 हजार रुपए तक वेतन पाने वाले कर्मचारी भी आएंगे ईपीएफओ के सुरक्षा कवच में: सत्यवर्धन गौतम
ग्वालियर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सामाजिक सुरक्षा दायरे को और व्यापक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ईपीएफओ के अंतर्गत अनिवार्य सदस्यता के लिए वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के अनिवार्य दायरे में आने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि ईपीएफओ की अनिवार्य सदस्यता के लिए वर्तमान वेतन सीमा वर्ष 2014 में 15,000 निर्धारित की गई थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त सत्यवर्धन गौतम ने बताया कि यह निर्णय कामगारों के हित में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में 15,000 से अधिक वेतन पर रोजगार में आने वाला नया कर्मचारी स्वतः अनिवार्य ईपीएफ के दायरे में नहीं आता है। वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 किए जाने से अब 15,000 से 25,000 तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे ईपीएफओ का दायरा बढ़ेगा और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रहने की स्थिति पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। क्षेत्रीय आयुक्त ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में वेतन की व्यापक परिभाषा, मुख्य नियोक्ता के दायित्व तथा अनुपालन नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई के स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इसके माध्यम से पंजीकृत प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करना सरल होगा।
उन्होंने बताया कि ईपीएफओ द्वारा संचालित कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी) के माध्यम से नियोक्ताओं को अपने पात्र कर्मचारियों का स्वेच्छा से नामांकन कराने का अवसर दिया गया है। नियोक्ताओं से अपेक्षा की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपना अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके बाद अनुपालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गौतम ने नियोक्ताओं एवं ठेकेदारों से अपील की कि वे समय रहते अपने यहां कार्यरत सभी पात्र कर्मचारियों का नामांकन कर उन्हें भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा का लाभ सुनिश्चित करें। साथ ही कर्मचारियों से भी अपनी यूएएन पासबुक में अंशदान की नियमित जांच करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि पात्र होने के बावजूद सदस्य नहीं बनाए जाने, वेतन से अंशदान काटे जाने के बाद जमा नहीं किए जाने अथवा ईपीएफओ से संबंधित अन्य किसी अनुपालन समस्या की शिकायत ईपीएफआईजीएमएस (ईपीएफआईजीएमएस.जीओवी.इन), केंद्रीकृत लोक शिकायत पोर्टल सीपीग्राम्स अथवा संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में सीधे की जा सकती है।