खादी क्षेत्र की समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय MSME मंत्री से मिलेगा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
- 18 राज्यों की खादी संस्थाओं ने सेवाग्राम, वर्धा में किया मंथन, खादी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु सरकार को सौंपा जाएगा मांग-पत्र
ग्वालियर। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र के समग्र विकास, पारंपरिक कातकों, बुनकरों एवं कारीगरों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा देशभर की खादी संस्थाओं के समक्ष लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से देश की खादी संस्थाओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही भारत के प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री से भेंट करेगा।
राजस्थान खादी संस्था संघ के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा तथा मध्य भारत खादी संघ, ग्वालियर के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में 18 राज्यों की खादी संस्थाओं का यह प्रतिनिधिमंडल खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र सरकार के समक्ष विस्तृत चर्चा करेगा। साथ ही, खादी संस्थाओं, कातकों, बुनकरों एवं कारीगरों की समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत मांग-पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सेवाग्राम, वर्धा (महाराष्ट्र) में 12 एवं 13 सितम्बर को देशभर की खादी संस्थाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड सहित 18 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में खादी क्षेत्र के समक्ष वर्तमान चुनौतियों, उत्पादन एवं विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, युवाओं को खादी से जोड़ने, ग्रामोद्योग गतिविधियों के विस्तार तथा खादी संस्थाओं की प्रशासनिक एवं वित्तीय समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने इस बात पर बल दिया कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।
बैठक में खादी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, विपणन तंत्र को मजबूत बनाने तथा खादी उत्पादों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया। साथ ही, आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों के उपयोग द्वारा खादी आंदोलन को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। मध्य भारत खादी संघ, ग्वालियर के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि “खादी महात्मा गांधी के स्वदेशी एवं ग्राम स्वराज के विचारों का जीवंत प्रतीक है। खादी क्षेत्र से जुड़े लाखों कारीगरों, कातकों एवं बुनकरों की समस्याओं के समाधान तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार के सर्वोच्च स्तर पर सकारात्मक संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार खादी क्षेत्र के विकास एवं सशक्तिकरण हेतु आवश्यक कदम उठाएगी।’’ अंत में सभी प्रतिनिधियों ने खादी आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने तथा खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजबूत आधार बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।