सहकारी बैंक की आर्थिक मजबूती के लिये जमा राशि और वसूली बढ़ाए : कलेक्टर श्रीमती चौहान
ग्वालियर। जिला सहकारी बैंक एवं उसकी शाखाओं और प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को सरकार की मंशा के अनुरूप आर्थिक रूप से सशक्त एवं अधिक किसान हितैषी बनाने के लिये ग्वालियर जिले में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस सिलसिले में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला सहकारी बैंक व उसकी शाखाओं से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर जमा बढ़ाने, बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली, ऋण वितरण और नवीन सदस्यता अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला सहकारी बैंक एवं उसकी शाखाओं से बकाया राशि की वसूली के लिये विशेष कार्ययोजना बनाने और हर माह का लक्ष्य निर्धारित कर वसूली करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि सहकारी बैंक आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तो सरकार की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक किसानों को खेती-किसानी के लिये समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। बैठक में जिला सहकारी बैंक की अंशपूंजी, अमानत संग्रहण, ऋण वितरण, बकाया वसूली एवं नवीन सदस्यता अभियान की विस्तार से समीक्षा की गई। सहकारी बैंकों में दुग्ध समितियों, मत्स्य समितियों एवं वनोपज समितियों के सहकारी बैंक में खाते खुलवाने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा दिए गए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि सहकारी बैंकों में अमानत संग्रहण (जमा) बढ़ाने के कार्य को चुनौती के रूप में लिया जाए। इसके लिये प्रतिदिन तीन लाख रुपए जमा कराने का लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल फोन के माध्यम से संपर्क करने के बजाय संभावित अमानतदारों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर उन्हें सहकारी बैंक में धनराशि जमा करने के लाभों की जानकारी दी जाए। साथ ही अमानत संग्रहण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये स्मार्ट सिटी के कॉल सेंटर का उपयोग करने के लिये भी कहा। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अधिक अमानत संग्रहण एवं बकाया वसूली करने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला सहकारी बैंक एवं उसकी शाखाओं से संबंधित बकाया राशि की वसूली के लिये विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हर माह का वसूली लक्ष्य निर्धारित करें और प्रत्येक सोसायटी के 20 प्रमुख बकायादारों की पहचान कर उनसे प्राथमिकता के आधार पर वसूली की जाए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती जुही गर्ग, जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरस्तू प्रभाकर, जिले की सभी सहकारी बैंक शाखाओं के प्रबंधक एवं मुख्यालय के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।