जिला न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 11175 प्रकरणों का निराकरण
ग्वालियर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर को जिला न्यायालय, ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ललित किशोर द्वारा सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। नेशनल लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन सहित कुल 11,175 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल 3,59,47,58,02 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) नेहा शर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुष्पेंद्र सिंह, ग्वालियर तथा जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर्स तथा पक्षकारगण उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला न्यायालय, ग्वालियर में 57, कुटुंब न्यायालय में 04, श्रम न्यायालय में 02, उपभोक्ता फोरम में 01, सिविल न्यायालय डबरा में 06 तथा सिविल न्यायालय भितरवार में 03, इस प्रकार कुल 73 खंडपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के अंतर्गत आपराधिक 264, एनआई एक्ट 289, क्लेम प्रकरण 157, पारिवारिक प्रकरण 86, श्रम विवाद 10, अन्य सिविल प्रकरण 50, विद्युत बिल 116, आईपीसीआर/कंजर प्रकरण 44 एवं अन्य प्रकरण 494, इस प्रकार कुल 1,221 लंबित प्रकरणों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 2,70,00,092 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 26, विद्युत बिल के 2,442, नगर पालिका के वाटर बिल के 7,118 तथा अन्य 68 प्रकरणों, इस प्रकार कुल 9,954 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 8,94,66,710 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।