ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. डीएस राजपूत ने गुरुवार को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद बातचीत में उन्होंने विश्वविद्यालय में रोजगारमूलक नए पाठ्यक्रम शुरू करने, शोध केंद्र स्थापित करने और देश-विदेश के शैक्षणिक एवं अनुसंधानपरक संस्थानों से अनुबंध करने की प्राथमिकताएं बताईं।
कुलपति प्रो. राजपूत ने कहा कि दूसरे संस्थानों के साथ किए जाने वाले अनुबंधों का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को वहां जाकर अध्ययन और शोध करने का अवसर उपलब्ध कराना है। इससे विद्यार्थियों का ज्ञान और अनुभव बढ़ेगा तथा जीवाजी विश्वविद्यालय की पहचान प्रदेश और देश के साथ विदेशों में भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पदभार ग्रहण करने पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और कर्मचारियों ने प्रो. राजपूत को बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. राजकुमार आचार्य, प्रो. राजपूत, कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने अटल बिहारी वाजपेयी मल्टी आर्ट कॉम्प्लेक्स परिसर में पौधारोपण भी किया।
विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण शिक्षण और शोध कार्य प्रभावित होने तथा नैक से मिली ए++ ग्रेड को बरकरार रखने के सवाल पर कुलपति प्रो. राजपूत ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए। शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर चर्चा की जाएगी और विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति से शासन को अवगत कराया जाएगा।