हम अंदर से ब्रांडेड बनें, हमारे कंटेंट से समाज को नई दिशा मिले: सरफराज सैफी
- मान सरोवर में चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का शुभारंभ
- श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया विषय पर हो रहा है आयोजन
- देशभर से 1500 से अधिक मीडियाकर्मी ले रहे हैं भाग
आबूरोड। भागदौड़ की जिंदगी के बीच तनावमुक्त जीवन जीने और मेडिटेशन के टिप्स सीखने के लिए देशभर से 1500 से अधिक मीडियाकर्मी ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मान सरोवर परिसर पहुंचे हैं। यहां मीडिया विंग द्वारा पांच दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, रेडियो, बेव, सोशल मीडिया से जुड़े संवाददाता, संपादक और जनसंपर्क से जुड़े पत्रकार भाग ले रहे हैं। नशामुक्ति का भी संकल्प कराया गया, जिसमें सभी मीडियाकर्मियों ने हाथ उठाकर नशा न करने का संकल्प लिया। स
श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया विषय पर आयोजित इस मीडिया महासम्मेलन के शुभारंभ पर वरिष्ठ पत्रकार सरफराज सैफी ने कहा कि क्या मीडिया सिर्फ खबर दिखाएगा यहा खबर के पीछे की सच्चाई भी सबके सामने लाएगा? क्या मीडिया वाले सिर्फ शोर करेंगे या समाज को सही दिशा दिखाने का मौका हमें मिलेगा या मिल रहा है? यह सवाल स्वयं से पूछने की जरूरत है।
सैफी ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम जो कंटेंट समाज को दे रहे हैं उससे समाज को नई दिशा मिले और श्रेष्ठ समाज के निर्माण में सहायक हो। ब्रह्माकुमारीज़ ऐसे आयोजनों के माध्यम से पत्रकारों को मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की कला सिखा रही है। पत्रकारों को भीतर से सुकून की जरूरत है, जब हमारे भीतर सुकून होगा तो समाज को बेहतर तरीके से आइना दिखा पाएंगे। हमें अंदर से ब्रांडेड बनने की जरूरत है। हम पत्रकारों को बहुत सकारात्मक होने की जरूरत है।
भारत जल्द ही विश्व गुरु बनेगा-
मैनेजिंग एडिटर एवं वरिष्ठ पत्रकार यशवंत राणा ने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में जिस खतरनाक मोड़ पर हम खड़े हैं, इसके पहले यह कभी नहीं हुआ। एआई ने मानव के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।
ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव तथा मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरु बनेगा। हम इसी स्वप्न के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विश्व के हालात आज हम सभी के सामने हैं। समय को देखते हुए यदि विश्व को कोई नई राह दिखा सकता है तो वह है भारत। जब तक मीडिया क्रांति के रूप में नहीं लेगा, हमारा स्वप्न साकार नहीं होगा।
दुनिया में झगड़ों का कारण संवाद की कमी-
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के इन माउंट आबू के परिसरों में आध्यात्मिकता की आबोहवा बहती है। यहां जगह अध्यात्म और शौर्य, साहत से ओतप्रोत है। इस वर्ष देश में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 26 मई 1826 को पंडित युगल किशोर ने कोलकाता से उदंड मार्तंड नाम के समाचार पत्र की शुरुआत की थी। उन्होंने पहले ही संपादकीय में लिखा कि यह अखबार हिंदुस्तान के हित के हैं। साहित्य, पत्रकारिता और संचार सभी कलाओं का उद्देश्य लोकमंगल ही है। हम संवाद और संचार की परंपराओं के उत्तराधिकारी हैं। आज दुनिया में झगड़े इसलिए हो रहे हैं कि संवाद नहीं हो पा रहा है।
हमें सकारात्मक खबरों को बढ़ावा देना होगा-
रायपुर देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मान सिंह परमार ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति विश्व को जोड़ने की रही है। श्रेष्ठ विश्व के निर्माण में हम कैसे सहयोगी बन सकते हैं यह चिंतन का विषय है। हमें ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक खबरों को बढ़ावा देना होगा, ताकि समाज में सकारात्मक माहौल बने। हमें सूचना और समाचारों में अंतर समझना जरूरी है। हमारा समाचार ऐसा हो जो समाज को जोड़ने का काम करे।
अब विश्व परिवर्तन का समय है-
ब्रह्माकुमारीज़ मैनेजमेंट कमेटी की वरिष्ठ सदस्य राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने कहा कि समय आ गया है कि अब विश्व परिवर्तन होने वाला है, इस सत्य को मानना ही होगा। इस धरा पर ही एक ऐसे विश्व की रचना होगी, जहां देवी-देवताओं का राज्य होगा। आत्मिक स्वरूप को जागृत करने की कला और शक्ति का आधार है राजयोग। ब्रह्माकुमारीज़ में राजयोग साधना सिखाई जाती है। परमात्मा से अपना ध्यान कैसे लगाएं यह अभ्यास करना सिखाया जाता है। आपने राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से सभी को गहन शांति की अनुभूति कराई।
इन्होंने भी संबोधित किया-
प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके निकुंज भाई ने कहा कि आप सभी यहां से कुछ नया सीखकर जाएं। कुछ लेकर जाएं ताकि अपने सेवा स्थान पर जाकर कुछ नवीनता जरूर लाएं। संचालन जयपुर सबजोन की मीडिया संयोजक बीके चंद्रकला दीदी ने किया। स्वागत भाषण प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके सरला आनंद बहन ने दिया। आभार प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु भाई ने माना। मधुरवाणी ग्रुप के कलाकारों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वक्ताओं का मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया। सम्मेलन में आए अतिथियों का बाल कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर स्वागत किया।