दाल बाजार व्यापार समिति में नये सदस्यों के वोट को लेकर संशय
- व्यापारी पूछ रहे कौन है यह नये सदस्य
ग्वालियर। दाल बाजार व्यापार समिति के चुनावों को लेकर अब पूरे दाल बाजार के व्यापारियों में उत्साह चरम पर है और दाल बाजार के व्यापारी नेता जो चेंबर आफ कामर्स में नहीं पहुंच पाये है अब वह दाल बाजार व्यापार समिति का चुनाव लड़ने का सपना संजोये हैं। इधर नये सदस्यों के मतदान को लेकर अब तक संशय है कि यह वोट कट पायेंगे या नहीं। वहीं व्यापार समिति के अध्यक्ष दिलीप पंजवानी व सचिव विवेक जैन लिल्ले साधारण सभा में पास प्रस्ताव के अनुसार नये सदस्यों की वोटिंग के पक्षधर हैं। हालांकि अभी इसमे चुनाव अधिकारी कृष्ण गोपाल अग्रवाल का रूख स्पष्ट है कि वह किसी भी कीमत पर 31 मार्च के बाद बने सदस्यों को वोटिंग का अधिकार नहीं देंगे।
इधर दाल बाजार व्यापार समिति से जुड़े व्यापारियों का आरोप है कि हमें 31 मार्च के बाद बने सदस्यों की जानकारी व उनका संपर्क नंबर, प्रस्तावक, समर्थक के नाम नहीं दिये जा रहे है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि जो नये सदस्य अचानक बने है वह कौन है और कहां व्यापार कर रहे है, इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिये, कहीं यह बोगस सदस्य तो नहीं है। समिति से जुड़े व्यापारियों का यह भी कहना है कि जब तक साधारण सभा से पूर्व प्रस्ताव या संशोधन कार्यकारिणी में पास नहीं होता तो वह साधारण सभा में जा ही नहीं सकता। इसलिये 31 मार्च के बाद बने सदस्यों को वोट देने का अधिकार दिया तो यह समिति के पदाधिकारियों की मनमानी होगी और इसके खिलाफ रजिस्ट्रार फम्र्स सोसायटी व कोर्ट में जायेंगे। व्यापारी यह भी कह रहे है कि दाल बाजार व्यापार समिति 6 अगस्त तक बने सभी सदस्यों की वोटिंग कराने के अधिकार की चाल रही है। इसी कारण इन 138 सदस्यों को लेकर नाराजगी है।
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कल से दाल बाजार व्यापार समिति सचिव विवेक जैन लिल्ले, अध्यक्ष दिलीप पंजवानी व चुनाव अधिकारी कृष्ण गोपाल अग्रवाल से हुई चर्चा के अंश पढ़े।