दाल बाजारः 138 नये बने सदस्यों को लेकर द्वंद, चुनाव अधिकारी को भी सांठगांठ में फंसाया
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। व्यापार समिति दाल बाजार को लेकर अब सदस्यों में द्वंद चल रहा है। व्यापार समिति के पदाधिकारियों द्वारा आननफानन में बनाये गये 138 नये सदस्यों को लेकर समिति के अन्य सदस्यों में आक्रोश है। चुनाव अधिकारी कृष्ण गोपाल अग्रवाल भी इस सारे मामले में चुप्पी साधे हुये है। उन्होंने नये सदस्यों की पोल न खुले इसीलिये अध्यक्ष दिलीप पंजवानी व सचिव विवेक जैन लिल्ले के साथ मिलकर व्यापार समिति दाल बाजार के अधिकृत व्हाटसएप् ग्रुप को ही आम सदस्यों के लिये ब्लाक कर दिया है और यह सभी नये सदस्यों से मतदान करवाने की चाल चल रहे हैं।
व्यापार समिति दाल बाजार के सूत्रों के मुताबिक व्यापार समिति में इन दिनों अध्यक्ष और सचिव की जुगलबंदी से समिति के लोकतंत्र पर खतरा है। वर्तमान अध्यक्ष व सचिव मिलकर आगामी 26 सितंबर को होने वाले चुनावों को कैसे भी करके अपने पक्ष में करने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। 31 मार्च के बाद बनाये सदस्यों को इन्होंने वोटिंग की पावर दे दी है और 6 अगस्त तक सदस्य बने सदस्यों को भी वोटिंग का अधिकार दिलवा दिया है, जबकि विधान के अनुसार चुनावी वर्ष में 31 मार्च तक बने सदस्य को ही वोटिंग का अधिकार होता है। मजे की बात यह है कि यह नये सदस्य कौन है और कैसे बन गये। इनके प्रस्तावक समर्थक कौन है यह भी किसी को नहीं पता। न ही अध्यक्ष दिलीप पंजवानी और सचिव विवेक जैन लिल्ले इसकी जानकारी दे रहे है। इन नये सदस्यों की वास्तविक पोल न खुले इसीलिये उन्होंने चुनाव अधिकारी कृष्ण गोपाल अग्रवाल के साथ टयूनिंग बैठाकर समिति के ही अधिकारिक व्हाटसएप ग्रुप को आम सदस्यों के लिये ब्लाक करवा दिया है और न ही सदस्यता की अपडेट की है। जिससे यह सदस्य कौन है, कहां के है किसी को नहीं मालूम ? इसी कारण अब व्यापार समिति दाल बाजार के सदस्यों ने पुराने पदाधिकारी ग्रुप को एक्टिव कर दिया है, जिसमें सारी जानकारी व पोल खोली जा रही है। क्रमशः