साडा की बोर्ड बैठक में विकास का रोडमैप तय, बरा के प्लॉट होंगे नीलाम, जिगसौली से कुलैथ तक बनेगी नई टाउनशिप

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व ओर आशीर्वाद से साडा को टेलकॉम हब बनाए जाने की दिशा में बड़ा काम हुआ है। साडा की विकास ओर प्रगति को नए आयाम मिले हैं। हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा । विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में ग्वालियर के भविष्य के विकास को लेकर दो बड़े फैसलों पर मुहर लगी। बैठक साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा की  अध्यक्षता  में हुई और एजेंडा प्रस्तुत किया गया, जिसमें बरा आवासीय योजना के भूखंडों के व्ययन और साडा क्षेत्र की नवीन नगर विकास योजना तैयार करने का प्रस्ताव शामिल था। बैठक में सीईओ श्रीमती अनीसा श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

* बरा आवासीय योजना - 22,500 रुपये वर्गमीटर की दर से नीलाम होंगे बड़े भूखंड

साडा की सबसे चर्चित बरा आवासीय योजना में लंबे समय से बड़े भूखंड, एचआईजी और एमआईजी भूखंड खाली पड़े थे। प्राधिकरण ने अब इन्हें बाजार दर पर बेचने का निर्णय लिया है।

बोर्ड को बताया गया कि वर्ष 2026-27 की वर्तमान कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार इन भूखंडों का मूल्यांकन किया गया है। इसके तहत वाणिज्यिक भूखंडों की दर 22,500 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। इसी दर को आधार मानकर आवासीय बड़े भूखंडों की दर तय कर एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल पर शीघ्र ही ई-निविदा / नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे प्राधिकरण को राजस्व प्राप्त होगा और आम लोगों को आबादी वाले क्षेत्र में प्लॉट मिल सकेंगे।

* साडा क्षेत्र में नया शहर बसेगा - जिगसौली से कुलैथ तक नगर विकास योजना

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा साडा क्षेत्र की नई नगर विकास योजना था। अधिकारियों ने बोर्ड को बताया कि साडा क्षेत्र में इस समय दो बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं ।

वेस्टर्न बायपास का निर्माण शुरू  पुरानी छावनी से निकलने वाले वेस्टर्न बायपास का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है।
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)  इस जोन के लिए 100 एकड़ जमीन एमपीआईडीसी (MPIDC) ग्वालियर को सौंपी जा चुकी है। एमपीआईडीसी ने 400 एकड़ जमीन की और मांग की है।

बोर्ड ने माना कि बायपास और टीएमजेड के कारण आने वाले 2-3 सालों में साडा क्षेत्र में जमीन की मांग कई गुना बढ़ जाएगी। अभी वहां अनियोजित निर्माण हो रहा है। इसे रोकने और सुनियोजित विकास के लिए *नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (संशोधन 2019)* के तहत मास्टर प्लान बनाना जरूरी है।
नई योजना पुरानी छावनी स्थित अटल द्वार सड़क से शुरू होकर ग्राम जिगसौली, होते हुए ररिया और कुलैथ चौराहे तक* के पूरे क्षेत्र को कवर करेगी।
इस पूरी नगर विकास योजना को बनाने के लिए एक अनुभवी टाउन प्लानिंग कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी। कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। कंसल्टेंट के आते ही ड्रोन सर्वे और नई सड़कों, आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक जोन का निर्धारण शुरू होगा। बैठक में साडा की वेबसाइट बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया।

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