आरटीआई फाउंडेशन अध्यक्ष संजय दीक्षित की शिकायत पर अधीक्षण यंत्री का सख्त आदेश
आरटीआई फाउंडेशन अध्यक्ष संजय दीक्षित की शिकायत पर अधीक्षण यंत्री संकल्प गोलिया का सख्त आदेश, कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह को 10 दिन में दस्तावेज देने के निर्देश, 6.30 करोड़ के ट्रांसमेटालाइट घोटाले में कार्रवाई की मांग
ग्वालियर और मुरैना के कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह पर दस्तावेज छुपाने का आरोप, अधीक्षण यंत्री संकल्प गोलिया ने आदेश 3429 दिनांक 27.08.2026 जारी किया
*ग्वालियर।* आरटीआई फाउंडेशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय दीक्षित द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मामले में अधीक्षण यंत्री संकल्प गोलिया ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अन्वेष प्रताप सिंह वर्तमान में ग्वालियर और मुरैना दोनों संभागों के कार्यपालन यंत्री के रूप में पदस्थ हैं।
मामला ट्रांसमेटालाइट इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली को 21 प्रतिशत अधिक दरों पर आवंटित 6.30 करोड़ रुपये के मेंटेनेंस वर्क से जुड़ा है जिसमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया में वर्ष 2023 से भ्रष्टाचार जारी होने का आरोप है।
संजय दीक्षित ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मुख्य अभियंता के पत्र क्रमांक 401/कान/264/2003/4956 दिनांक 23.05 जिसमें 5 दिन में कार्यवाही का आदेश था और पत्र क्रमांक 800 दिनांक 21.02.25 जिसमें वसूली के निर्देश थे, की प्रतियां, वर्क प्लान, भुगतान तालिका, नोटशीटें, निरीक्षण रिपोर्ट मांगी थी।
कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह द्वारा जानकारी नहीं देने पर प्रथम अपील की सुनवाई 07.08.2026 और 17.08.2026 को अधीक्षण यंत्री संकल्प गोलिया के समक्ष हुई जिसमें अपीलकर्ता संजय दीक्षित और विभाग की ओर से होतम सिंह मौर्य उपस्थित हुए।
सुनवाई के बाद अधीक्षण यंत्री संकल्प गोलिया ने आदेश क्रमांक 3429 दिनांक 27.08.2026 जारी कर कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह संभाग क्रमांक 1 ग्वालियर को 10 दिवस के अंदर समस्त जानकारी निःशुल्क प्रदाय करने के निर्देश दिए।
आरटीआई फाउंडेशन अध्यक्ष संजय दीक्षित ने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि 6.30 करोड़ के भ्रष्टाचार को सुनियोजित तरीके से दबाने का मामला है, ग्वालियर और मुरैना दोनों जगह के कार्यपालन यंत्री अन्वेष प्रताप सिंह जानबूझकर जानकारी छिपा रहे हैं। अब 06.09.2026 तक जानकारी न मिलने पर द्वितीय अपील और लोकायुक्त में शिकायत की तैयारी है।