आईटीएम यूनिवर्सिटी में स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स में ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ आयोजित
- प्रैक्टिकल अनुभव, विशेषज्ञता और लगातार सीखने की आदत ही स्टूडेंट्स को भविष्य में बेहतर कॅरियर बनाने में मदद करती हैः यश पाराशर
- आज आप कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए कितना समय दे रहे हैं, यही आपकी आने वाली सफलता को तय करेगाः गिर्राज शर्मा
- असफलता के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन वहीं रुक जाना समाधान नहीं हैः आईपीएस आशीष शर्मा
- मन में उठने वाले सवालों को दबाने के बजाय प्रश्न पूछने चाहिए और नए आविष्कार एवं नए विचारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिएः प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चैहान
- स्टूडेंट्स को केवल थ्योरी और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज को प्राथमिकता देनी चाहिएः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आॅफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा नवप्रवेशित स्टूडेंट्स के लिए ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ आयोजित किया गया। संस्थान के उस्ताद अल्लाउद्दीन खान सेमिनार हाल में आयोजित इस प्रोग्राम में अतिथि के रूप में यश पाराशर (सीईओ एंड एमडी, फिनेरा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड), गिर्राज शर्मा (को-फाउंडर फिनेरा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड) और आईपीएस आशीष शर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय, रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह, एसओईटी डीन डाॅ. मुकेश पांडेय, आईक्यूएसी डायरेक्टर और एसओसीआईएस डीन डाॅ. वानी अग्रवाल, डीन एकेडमिक डाॅ. रंजीत सिंह तोमर, चीफ प्रोक्टर डाॅ. केशव कंसाना, डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक, अभिषेक त्रिपाठी, आईडियापैड के डायरेक्टर डाॅ. आशीष चंदेल, टेप सेल के डायरेक्टर अर्पित सिंह चौहान, कैप्टन अमनदीप कौर (एएनओ, एनसीसी विंग आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर) सहित विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बड़ी संख्या में नवप्रेशित स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
प्रैक्टिकल अनुभव, विशेषज्ञता और लगातार सीखने की आदत ही स्टूडेंट्स को भविष्य में बेहतर कॅरियर बनाने में मदद करती हैः यश पाराशर
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा नवप्रवेशित स्टूडेंट्स के लिए आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ में अतिथि यश पाराशर (सीईओ एंड एमडी, फिनेरा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड) ने स्टूडेंट्स से कहा कि स्कूल समय से ही केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज और वास्तविक समस्याओं को समझने पर ध्यान दें। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मैं और मेरी बहन दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। मेरी बहन मुझसे ज्यादा इंटेलीजेंट थीं। इसके बाद मैंने स्कूली लाइफ में व्यावहारिक ज्ञान को महत्व देना शुरू किया। इसके बाद मैंने एनडीए की परीक्षा देने का निर्णय लिया, लेकिन परीक्षा देने के बाद भी मेरा नाम मेरिट लिस्ट में नहीं आया। इसके बाद मैंने इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान मैंने अपने विशेष रुचि के सब्जेट पर ही ध्यान फोकस किया और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने नवप्रवेशित स्टूडेंट्स को सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। अपने कोर सब्जेक्ट में मजबूत पकड़ और विशेषज्ञता विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल अनुभव, विशेषज्ञता और लगातार सीखने की आदत ही स्टूडेंट्स को भविष्य में बेहतर कॅरियर बनाने में मदद करती है।
आज आप कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए कितना समय दे रहे हैं, यही आपकी आने वाली सफलता को तय करेगाः गिर्राज शर्मा
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ में अतिथि गिर्राज शर्मा (को-फाउंडर फिनेरा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड) ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि मैं स्वयं एक किसान परिवार से आता हूं और जीवन में मेहनत के महत्व को बखूबी समझता हूं। उन्होंने कहा कि आज आप कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए कितना समय दे रहे हैं, यही आपकी आने वाली सफलता को तय करेगा। उन्होंने स्टूडेंट्स से निरंतर मेहनत करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आव्हान किया।
असफलता के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन वहीं रुक जाना समाधान नहीं हैः आईपीएस आशीष शर्मा
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ में अतिथि आईपीएस आशीष शर्मा ने स्टूडेंट्स को बताया कि सफलता के पीछे असफलताएं भी होती हैं। उन्होंने बताया कि मेरा सिलेक्सन पांचवे प्रयास में हुआ, इससे पहले मैंने कई असफलताओं का सामना किया। तीन बार साक्षात्कार तक पहुंचने के बाद भी मुझे सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि असफलता के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन वहीं रुक जाना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि असफलता के बाद व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान और हतोत्साहित हो सकता है। ऐसे समय में परिवार, शिक्षक, मार्गदर्शक और मित्रों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है। सही मार्गदर्शन व्यक्ति को दोबारा आगे बढ़ने की शक्ति देता है। हर स्टूडेंट्स का सपना अलग हो सकता है। आज युवाओं के पास पहले की तुलना में बहुत अधिक अवसर उपलब्ध हैं। अपने सपने को पहचानें और उसे लक्ष्य में बदलें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले स्पष्ट योजना बनाना जरूरी है। अपने लक्ष्य को छोटे-छोटे चरणों में बांटें। अपनी प्राथमिकताएं तय करें और लगातार उन पर काम करें। उन्होंने कहा कि प्रेरणा एक-दो दिन या कुछ समय तक ही साथ दे सकती है। अनुशासन ही व्यक्ति को लंबे समय तक अपने लक्ष्य पर टिकाए रखता है। सफलता के लिए नियमित मेहनत और निरंतरता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में उपलब्ध विभिन्न गतिविधियों में भाग लें। पढ़ाई के साथ-साथ नई तकनीकों और कौशल को सीखें। एआई, मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आप केवल एक विषय तक सीमित न रहें। विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त करें। नए अनुभव प्राप्त करें और अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ाएं।
मन में उठने वाले सवालों को दबाने के बजाय प्रश्न पूछने चाहिए और नए आविष्कार एवं नए विचारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिएः प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान
स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी और स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पैड-2026‘ में प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान ने कहा कि जीवन में उपलब्धियों को हासिल करने के साथ-साथ उन्हें साझा करने का साहस भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राओं ने अपने जीवन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन उन्हें बताने में संकोच करते हैं। इस संकोच को दूर करने की आवश्यकता है। छात्रों को अपनी उपलब्धियों, रुचियों और क्षमताओं को सामने लाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपने मन में उठने वाले सवालों को दबाने के बजाय प्रश्न पूछने चाहिए और नए आविष्कार एवं नए विचारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वािलयर में होने वाली विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य गतिविधियों में छात्र-छात्राओं को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। यही गतिविधियां उनके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और यही निरंतर सीखते रहने की प्रक्रिया जीवन का वास्तविक आनंद है। उन्होंने कहा कि संस्थान में उपलब्ध प्रत्येक अवसर को सीखने और स्वयं को विकसित करने के अवसर के रूप में लेना चाहिए। केवल कक्षा तक सीमित रहने के बजाय छात्र-छात्राओं को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर नए अनुभव प्राप्त करने चाहिए और उनका आनंद लेना चाहिए।
स्टूडेंट्स को केवल थ्योरी और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज को प्राथमिकता देनी चाहिएः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
ओरियंटेशन प्रोग्राम में वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय ने कहा कि भविष्य में स्टूडेंट्स की प्रतिस्पर्धा केवल मनुष्य से नहीं, बल्कि मशीनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी होगी। ऐसे में स्टूडेंट्स को समय की मांग को समझते हुए अभी से एआई और नई तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल थ्योरी और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय की वास्तविक समझ उसके व्यावहारिक उपयोग से विकसित होती है। इसलिए स्टूडेंट्स को अधिक से अधिक प्रोजेक्ट्स, प्रयोगों और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर काम करना चाहिए।
ओरियंटेशन प्रोग्राम में डॉ. वानी अग्रवाल ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के योर डिजिटल कैंपस, वन प्लेटफार्म, एंडलेस पाॅसिबिल्टिीज के बारे जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने इंटीग्रेटेड ईआरपी इकोसिस्टम और ई-परख पोर्टल के बारे में जानकारी दी, ताकि डिजिटल एकेडमिक मैनेजमेंट आसानी से हो सके।
इसी तरह डाॅ. मुकेश पांडेय ने स्टूडेंट्स को नियमित कक्षाएं अटेंड करने के साथ प्रैक्टिकल स्किल, रिसर्च, और इंटर्नशिप पर ध्यान देना चाहिए। सीखें अभ्यास करें और रिसर्च के माध्यम से अने कॅरियर को आगे बढाएं। इसके साथ ही उन्होंने टेक्नोलाॅजीज के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वहीं आईडियापैड से आशीष चंदेल ने संस्थान के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम के बारे में बताया और स्टूडेंट्स को नए आइडियाज़ को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।
अभिषेक त्रिपाठी ने स्टूडेंट्स को एग्जाम्स के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने एंटीरेगिंग, कोड आॅफ कंडक्ट, आईसीसी एंड काउंसिलिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी तरह डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक, टेप सेल से अर्पित सिंह चैहान, कैप्टन अमनदीप कौर और चीफ प्रोक्टर केशव कंसाना ने भी स्टूडेंट्स को संबोधित कर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में संचालित विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शोध अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।