कांग्रेस ने जनता पार्टी को तोड़ने में राजनीतिक दांव-पेंच खेलेंः शेजवलकर
ग्वालियर। कांग्रेस ने जनता पार्टी को तोड़ने में राजनीतिक दांव-पेंच खेलने से परहेज नहीं किया। भारतीय जनसंघ से जनता पार्टी में आये सदस्यों को अलग-थलग करने के लिए दोहरी-सदस्यता का मामला उठाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने पर आपत्तियां उठायी जानी लगीं। यह कहा गया कि जनता पार्टी के सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य नहीं बन सकते। 4 अप्रैल, 1980 को जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने अपने सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य होने पर प्रतिबंध लगा दिया। पूर्व के भारतीय जनसंघ से संबद्ध सदस्यों ने इसका विरोध किया और जनता पार्टी से अलग होकर 6 अप्रैल, 1980 को एक नये संगठन भारतीय जनता पार्टी की घोषणा की। इस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। यह बात पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने शनिवार को भाजपा के अटल बिहारी मंडल द्वारा आयोजित उदघोष कार्यकर्ता सम्मेलन में कहीं।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि जब भी हमारी सरकार संगठन के माध्यम से कोई अच्छा निर्णय करती है तो उसका उदघोष हमारे क्षेत्र में दिखाई देना चाहिए ऐसा कार्यकर्ताओं का कर्तव्य एवं जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने कहा कि अगर कोई कार्यकर्ता में कार्य करने की क्षमता है तो वह अपने दृढ इच्छाशक्ति से ऐसे कार्यक्रम करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंडल अध्यक्ष पार्टी की रीढ है। आज कार्यकर्ताओं के दम पर ही पार्टी का इतना बड़ा विराट रूप देखने को मिल रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष अभय चैधरी ने कहा कि 6 अपै्रल को भाजपा का स्थापना दिवस व 14 अपै्रल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को घर-घर झंडा फहराकर सेल्फी लेना है और उसे सोशल मीडिया में अपलोड करना है। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष गंगाराम बघेल, सभापति मनोज तोमर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश दुबे, महामंत्री विनोद शर्मा, राजू पलैया, पार्षद संजीव पोतनीस, रवि तोमर, ममता अजय तिवारी, मोहित जाट, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर, अनिल सांखला, भगवान सिंह कुशवाह एवं जिला मीडिया प्रभारी नवीन उपस्थित थे।