भोपाल मेमोरियल अस्पताल को मेडिकल कालेज बनाया जाना चाहिए

- सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉ की निजी प्रैक्टिस बंद हो
- स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को अति आवश्यक सेवा में जोड़ा जाना चाहिए
मेरी पत्नी श्रीमती सुशीला शारदा 1 फरवरी से बीमार है पहले अपोलो सेज हास्पिटल में भर्ती कराया बीमारी नहीं पकड़ पाये, फिर अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया आई सी यू में रही बीमारी नहीं पकड़ पाये,800 का इंजेक्शन 3000 में बाहर से नहीं ला सकते, WBC 40300 हो गये, बुखार,शरीर में सूजन थी। अपोलो सेज हास्पिटल एवं अग्रवाल अस्पताल डॉ प्रियनाथ अग्रवाल एक समय जानें माने हुआ करते थे। आज यदि कोई व्यक्ति बीमार है और उसका वीमा या आयुष्मान कार्ड है तो उसमें भारी लूट है, बीमार मरीज के लिए दवाएं अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही लेनी होगी बाहर से नहीं ला सकते।इन अस्पतालों में भर्ती मरीज को 5 गोली की आवश्यकता है लेकिन पूरी 10 लेनी होगी शेष कचरे में इनकी अनियमितता पर यदि विभिन्न विभागों द्वारा इमानदारी से जांच हो तो आधे से अधिक बंद हो सकते हैं।
शर्त यह है कि इमानदार अधिकारी द्वारा जांच होनी चाहिए, इसी के साथ इन सभी निजी अस्पतालों की और काम करने वाले डॉक्टर की आय की भी जांच होनी चाहिए, एक विजिट की फीस 1000 रुपए है। आज देश में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों व्यापार हो गये है। अब अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी को सहजता से उपलब्ध नहीं है जबकि सरकार की जबावदारी है इन दोनों को सुधारने की। यह तो गाथा है निजी अस्पतालों की अब सरकारी अस्पताल के डाक्टर भी निजी अस्पतालों में भी पाये जाते हैं और मरीजों को देखते हैं जब सरकार इन्हें वेतन और भत्ते देते हैं तो फिर निजी अस्पतालों में काम पर रोक लगाई जानी चाहिए यह काम भी सरकार का है इसी के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को अति आवश्यक सेवा में जोड़ा जाना चाहिए जिससे हड़ताल पर नहीं जा सकते हैं जिस तरह पुलिस के साथ होता है। जब मैं अपोलो सेज हास्पिटल एवं अग्रवाल अस्पताल से मरीज़ को लाभ नहीं मिला तो अंत में भोपाल मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती कीर्ती चतुर्वेदी ने आई सी यू में व्यवस्था की।
भोपाल मेमोरियल अस्पताल में डॉक्टर पढ़ें लिखे और सेवा भावी है। गैस पीड़ितों का उपचार में रुपए नहीं लगते है। भोपाल मेमोरियल अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाना चाहिए बह भी आटोनोमस बादी हो । ऐसा होने से सभी तरह के उपचार हेतु डॉ रहेंगे और प्रदेश की विशेष रूप से गैस पीड़ितों के लिए विशेष व्यवस्था होगी।

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