अपनी भारतीय परंपरा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी - राजयोगिनी आदर्श दीदी

नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर हुआ स्नेह मिलन कार्यक्रम
बच्चो को अच्छे संस्कार दें उनका जीवन निश्चित ही सुन्दर होगा - अजय बंसल
जीवन में हमेशा धैर्य रखें अच्छे समय का इंतजार करें अच्छा समय जरूर आता हैं - कृष्ण कांत कुशवाह

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय केंद्र प्रभु उपहार भवन माधौगंज केंद्र पर नव वर्ष (विक्रम संवत 2082), गुडी पड़वा एवं चैत्र नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य में स्नेह मिलन का कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे साइंस कॉलेज जनभागीदारी समिति अध्यक्ष एवं आर्किटेक्ट श्री अजय बंसल, टी.एन.सी.पी. सयुंक्त संचालक श्री कृष्ण कांत कुशवाह, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख राजयोगिनी आदर्श दीदी, समाजसेविका श्रीमती आशा सिंह, कॉन्फिडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ग्वालियर की संस्थापक सदस्य एवं महिला उद्यमी श्रीमती रीना गांधी, बीके डॉ. गुरचरण सिंह, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई उपस्थित थे।
नवरात्री के पावन अवसर पर देवी माँ की सुंदर चैतन्य झांकी भी लगाई भी लगाईं गई थी। जिसके सभी ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की पूजा बंदना कर दीप प्रज्वलन से हुआ।
तत्पश्चात ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बी.के. आदर्श दीदी ने सभी को नववर्ष एवं नवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमें अपनी भारतीय परंपरा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। आज हम हिन्दू नववर्ष मना रहे है। हर भारतीय परिवार को अपने बच्चों आदि के साथ बडे ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। पहले संयुक्त परिवार होते थे तो बहुत सारी चीजे हमें अपने बुजुर्गो सीखते से सीखने को मिलती थीं लेकिन आज एकल परिवार है और माता पिता भी बच्चो को समय नहीं दे पा रहे है जिसका बच्चो पर प्रतिकूल असर पड रहा है। हम सभी को चाहिए कि हम अपने सभी त्यौहार बडे ही धूमधाम से मनाये और नई पीढ़ी को भी उसमें शामिल करें और अपनी संस्कृति से उन्हें परिचित कराएँ नवरात्री के पावन दिनों में सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी बुराईयों को छोड़े और अच्छाईयों को धारण करें। परमपिता परमात्मा शिव और देवी माँ को याद कर उनके वरदानो से अपनी झोली भरें। तथा अपने व्यवहार को इतना अच्छा बनाएं की दूसरों को हमारे जीवन से प्रेरणा मिले। अपने परिवार में अपने पड़ोस में अपने कारोबार में शांति का माहौल बनाए रखें अगर किसी से बोले तो शांति के बोल स्नेह के बोल ही बोले और अपने हर कार्य में परमात्मा को साथ लेकर चले और साथ ही यह भी प्रार्थना करनी है सभी स्वस्थ रहें सभी सुखी रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे  अजय बंसल ने नववर्ष और नवरात्री की शुभकामनायें देते हुए कहा कि जीवन में कुछ भी हो जाये घबराना नहीं चाहिए। कोई सब चीजें तय है अपना श्रेष्ठ कर्म करें और ईश्वर पर छोड़ दें उन्होंने एक चोपाई सुनाते हुए कहा कि "होइहि सोइ जो राम रचि राखा” इसलिए किसी बात के लिए चिंता न करें बच्चो को अच्छे संस्कार दें उनका जीवन निश्चित ही सुन्दर होगा इसलिए निश्चिन्त रहें।
उन्होंने एक कविता के माध्यम से सन्देश दिया और कहा कि कोयल की मधुर कूक सुनकर राह चलते पथिक ने कहा तेरा कंठ कितना सुंदर है काश तेरा रंग काला ना होता तो कितना अच्छा होता। ईश्वर की श्रेष्ठ कृति मानव काश तुझमें दूसरों की आलोचना करने की आदत ना होती तो कितना सुंदर होता।
अर्थात मनुष्य ईश्वर कि बहुत सुंदर कृति है उसे दूसरों कि आलोचना करने से बचना चाहिए। यह जीवन उसे कुछ अच्छा करने के लिया मिला है इसलिए उसे अच्छा सोचते हुए अच्छा ही करना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र से एक दशक पूर्व जुड़ने का मौका मिला यहाँ आकर बहुत सुखद अनुभूति होती है।
कार्यक्रम में कृष्ण कान्त कुशवाह ने सभी को हिंदू नववर्ष की बधाई देते कहा कि जीवन में हमेशा धैर्य रखें अच्छे समय का इंतजार करें अच्छा समय जरूर आता हैं आप जितनी मेहनत करेंगे, उतनी कामयाबी आप निश्चित तौर पर पाएंगे। मेडिटेशन का जीवन में बहुत महत्व है, मेडिटेशन जरूर करें।
कार्यक्रम में रीना गाँधी ने कहा कि हम आत्मनिर्भर बनें और हम जिसकी मदद कर सकते हैं उसकी मदद करें ईश्वर ने हमें इस लायक बनाया है। यही इस नववर्ष हमारी शुभकामना है।
कार्यक्रम में श्रीमती आशा सिंह ने शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमारा नववर्ष शक्ति पर्व के साथ शुरू होता है, खेतो में लहलहाती हुई फशल हमें सपन्न होने का सन्देश देती है। हमारे सभी त्यौहार किसी किसी न आध्यात्मिक रहस्य को ओढ़े हुए है। यही हमारी संस्कृति कि पहचान है।
कार्यक्रम में बीके डॉ गुरचरण सिंह ने संस्थान के द्वारा की जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला और गुडी पड़वा, नव वर्ष, नवरात्री की सभी को शुभकामनाएँ दीं। और कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान निस्वार्थ भाव से जन कल्याण का कार्य पिछले नौ दसक से कर रहा है उन्होंने आगे कहा कि जो बीत गया उससे सीख लेकर के वर्तमान में श्रेष्ठ कार्य करके भविष्य को सुन्दर बनाना है। यही सीख परमात्मा हमें दे रहे है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए बीके प्रह्लाद भाई ने कहा कि जो जीवन में जो चाहिए वह दूसरों को देना प्रारंभ करें। तो आप हर सम्पन्न हो जाएंगे।
नव वर्ष यह नया कार्य करें खुशी बांटें और खुश रहें। कार्यक्रम के अंत में सुनीता सुरेन्द्र बैस, रवि चित्रा, गोसाबी, विनोद पलक ढींगरा, शीला प्रभु दयाल, राजू, भारती श्रीवास्तव, सविता तिवारी आदि को सम्मानित भी किया गया | तथा अंत में बीके जीतू भाई ने सभी का आभार व्यक्त किया ।

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