जीवाजी विश्वविद्यालय में हिन्दी जनजागरण अभियान का आयोजन किया
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में हिन्दी जनजागरण अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति जागरूकता एवं सम्मान की भावना विकसित करना तथा दैनिक जीवन, शैक्षणिक गतिविधियों और अकादमिक संवाद में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए हिन्दी भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दी को केवल एक पखवाड़े तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसके प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा हिन्दी भाषा पर हमें गर्व करना चाहिए और हिन्दी ही एक ऐसी भाषा है जो मौलिक सोच पैदा कर सकती है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने हिन्दी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के सदस्यों से अधिकाधिक हिन्दी का प्रयोग करने का आह्वान किया। भाषा अध्ययनशाला के समन्वयक प्रो. नवनीत गरुड़ के मार्गदर्शन में हिन्दी पखवाड़ 2026 का आयोजन 15 से 28 सितंबर तक किया जा रहा है। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शांतिदेव सिसोदिया ने हिन्दी भाषा एवं भारतीय ज्ञान-परंपरा के संबंधों पर विचार व्यक्त किए। पुस्तकालय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जे.एन. गौतम ने पुस्तकालय भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को प्राचीन हिन्दी ग्रंथों एवं पांडुलिपियों से परिचित कराया। भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डी.सी. गुप्ता ने विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग एवं उसके सम्मान के प्रति जागरूक किया।