नशा मुक्ति अभियान में वंचित वर्गों के युवाओं को भी जोड़कर काम करेंगे: कुलगुरु प्रो. राजपूत
ग्वालियर। विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग-2027 एवं नशा मुक्ति युवा का विकसित भारत संकल्प अभियान को लेकर देश के 93 विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं एवं एनएसएस अधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने की।बैठक मैं खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय के सचिव सुनील पालीवाल एवं एन एस एस के निदेशक प्रशांत गौतम आई पी एस भी उपस्थित थे।बैठक में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने विशेष सुझाव देते हुए अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों और युवाओं तक व्यापक रूप से पहुंचाने पर जोर दिया।
कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को केवल विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक सीमित न रखते हुए कारागार, बाल सुधार गृह, घुमंतू समुदाय , जनजातीय एवं आदिवासी समुदाय, झुग्गी-बस्तियों तथा आदिम जनजाति के युवाओं को भी युवा संवाद और यूथ कनेक्ट जैसे माध्यमों से जोड़ा जाना आवश्यक है । इससे अभियान का प्रभाव समाज के वंचित वर्गों तक भी पहुंचेगा। कुलगुरु ने कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय इस दिशा में आवश्यक पहल और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कार्य करेगा। उनके सुझावों का केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने स्वागत करते हुए सराहना की और अभियान में इन वर्गों को शामिल करने की बात कही।
बैठक में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अधिक से अधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने तथा प्रत्येक सप्ताह विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत कुलगुरू ने जीवाजी विश्वकविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा चलाए जा रहे विकसित भारत क्विज प्रतियोगिता पेम्पलेट का विमोचन किया। वर्चुअल बैठक में जीवाजी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजीव मिश्रा, एनएसएस समन्वयक डॉ. हरिशंकर कंसाना, कार्यक्रम अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।