श्रमिक शिक्षा ही श्रमिक सशक्तिकरण का आधारः संजीव मिश्रा
- एसआरएफ में मना श्रमिक शिक्षा दिवस
ग्वालियर। श्रमिक शिक्षा ही श्रमिक सशक्तिकरण का आधार है, इसलिये कहा जाता है कि सशक्त श्रमिक ही विकसित राष्ट्र का निर्माता है। विशेष बात यह है कि विकसित राष्ट्र की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हम श्रमिक या आम आदमी के जीवन स्तर में भी परिवर्तन ला सकें। यह विचार कर्मचारी राज्य बीमा निगम इंदौर के क्षेत्रीय निदेशक संजीव मिश्रा ने कहीं। मिश्रा गुरूवार को दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 69वें स्थापना दिवस पर एसआरएफ में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय निदेशक संजीव मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को केवल रोजगार ही नहीं अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, कौशल और जागरूकता भी जरूरी है। इस दिशा में श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड बेहतर काम कर रहा है। इससे पूर्व माँ सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ श्रमिक शिक्षा दिवस का उदघाटन किया गया। इस अवसर पर अतिथि प्रोफेसर डॉ. पिंकू रंजन प्रोफेसर अटल बिहारी भारतीय सूचना प्रौधोगिकी संस्थान, राजेश खन्ना यूनिट हेड एस.आर.एफ. लिमिटेड मालनपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सभी उपस्थित अतिथियों ने श्रमिक शिक्षा दिवस की हार्दिक बधाई प्रेषित की। बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक पृथ्वीराज सिन्हा ने सभी उपस्थित अतिथियों का पुष्प हारों एवं स्मृति चिन्ह से स्वागत किया। यूनिट हेड एस.आर.एफ. लिमिटेड राजेश खन्ना ने श्रमिकों को स्वयं को डिजिटल तैयारी के लिए तार होने का आव्हान किया, ताकि भविष्य के श्रमिक तकनीकी रूप से दक्ष हो। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. पिंकू रंजन ने तकनीकी शिक्षा में श्रमिकों की बेहतरी के लिए किए जा रहे शोधों पर विस्तृत प्रकाश डाला। जबकि कार्यक्रम के क्षेत्रीय निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा निगम अध्यक्ष संजीव मिश्र ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के डिजिटल कार्यों को समझाया और डिजिटल तत्परता के दौरान उचित सावधानी पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्रमिक शिक्षा दिवस पर आयोजित श्रमिकों की डिजिटल तत्परता विषय पर आयोजित कार्यशाला में सहायक भविष्य निधि आयुक्त विवेक कुमार गुप्ता, श्रम अधिकारी मध्यप्रदेश शासन आशीष तिवारी, एसोसिएट उपाध्यक्ष एस.आर.एफ. लिमिटेड मालनपुर संतोष पाठक एवं महाप्रबंधक मानव संसाधन विकास सूर्या रोशनी मालनपुर मुकुल चतुर्वेदी ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने अपने विचार व्यक्त किया। इस कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञों ने श्रमिकों के सतत विकास के लिए विभिन्न शासकाय विभागों द्वारा किए जा रहे डिजिटल तकनीकी को अपनाने महती आवश्यकता को रेखांकित किया। सम्मेलन में क्षेत्रीय सलाहकार समिति, ग्वालियर सहित औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित एच.आर. विशेष श्रमिक संगठन, श्रम विभाग, ईपीएफओ, ईएसआईसी के अधिकारी तथा अन्य हितधारकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य श्रमिकों की डिजिटल तैयारी, भविष्य की कौशल आवश्यकताएँ तथा कार्य सशक्तिकरण पर विचार-विमर्श करना रहा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा अधिकारी डॉ सुधीर वाड़ीवा ने किया। यह संयुक्त पहल उद्योग-संस्थान साझेदारी को सुदृढ़ करेगी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य-तैयार कार्यबल के निर्माण हेतु ठोस अनुशंसाएँ प्रस्तुत करेगी।