मोहन सरकार उदारमना, पत्रकार बीमा राशि पुरानी दर पर ही रखी
- पत्रकारों में उत्साह, 10 हजार से ज्यादा आवेदन की संभावना
भोपाल / ग्वालियर। मध्यप्रदेश सरकार की पत्रकार हितैषी पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना को लेकर पत्रकारों में उत्साह है। इस बार मप्र के जनप्रिय व पत्रकार हितैषी मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बीमा की प्रीमियम पहले से ही पूर्ववत रखकर पत्रकारों को राहत दी है। इस बार पत्रकारों को बीमा प्रीमियम दर कम किये जाने को लेकर न तो मांग उठानी पडी और न ही ज्ञापन देने पड़े। बीमा आवेदन 25 सितंबर तक जमा होने हैं। बीमा प्रीमियम 2018-19 के आधार पर ही लिया जा रहा हैं।
ज्ञांतव्य है कि मध्यप्रदेश सरकार की पत्रकारों के हित में पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना के आवेदन इन दिनों स्वीकार किये जा रहे हैं। अधिमान्य और गैर अधिमान्य दोनों श्रेणी के पत्रकार इसमें आवेदन कर रहे है और अभी तक लगभग 2500 से भी अधिक आवेदन जमा किये जा चुके है। मप्र सरकार के साथ पत्रकार बीमा का अनुबंध करने वाली यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व एमडी इंडिया हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अनुमान है कि इस बार प्रदेशभर में लगभग 10 हजार से भी अधिक पत्रकार बीमा आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना
प्रदेशभर के पत्रकार इस बात से प्रसन्न है कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बीमा प्रीमियम की दरों में कोई बदलाव या बढ़ोत्तरी नहीं की है, जिससे पत्रकारों पर आर्थिक भार ज्यादा नहीं पड़ेगा। पहले बीमा प्रीमियम राशि बढ़ाकर योजना जारी की जाती थी, बाद में पत्रकार प्रीमियम कम करने के लिये ज्ञापन प्रदर्शन व मांग करते थे। लेकिन संवेदनशील मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने इस बार पूर्ववर्ती ही प्रीमियम दरों को बनाये रखा है। इसमे राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ अतिरिक्त रूप से पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री पत्रकार हित में यह सराहनीय कार्य जारी रखा है।
कैशलेस इलाज 2 से 4 लाख तक
पत्रकार बीमा योजना में राज्य सरकार ने 2 लाख और 4 लाख की श्रेणी कर पत्रकारों को अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा कराने की छूट भी दे रखी है, वहीं इससे व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा 5 से 10 लाख तक को भी कवर कर दिया है।
65 से ऊपर पत्रकारों को प्रीमियम ही नहीं देना
मप्र सरकार की पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना में सबसे खास बात यह है कि 65 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों का निशुल्क बीमा होगा, उन्हें कुछ भी प्रीमियम नहीं देना होगा और यह बीमा 8 वर्ष तक के लिये रहेगा।
अधिमान्य व गैर अधिमान्य श्रेणी
अधिमान्य श्रेणी में 60 वर्ष तक संचार प्रतिनिधि का वार्षिक प्रीमियम का 75 प्रतिशत और 61 से 65 वर्ष की उम्र के संचार प्रतिनिधि का वार्षिक बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत भुगतान राज्य सरकार कर रही हैं। गैर अधिमान्य पत्रकार श्रेणी में 50 प्रतिशत प्रीमियम पत्रकार व 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा।
बीमा पालिसी 4 अक्टूबर से
अधिमान्य पत्रकारों की नई बीमा पालिसी कवर 4 अक्टूबर व गैर अधिमान्य पत्रकारों की बीमा पालिसी कवर 1 नवंबर से शुरू होगी।