सड़क किनारे बेखौफ जमे फूड कारोबारी
शाम को बाजारों में छोटे कस्बों की तरह बिक रहे खाद्य पदार्थ
ग्वालियर। खाद्य सुरक्षा विभाग की अनदेखी शहरवासियों को भारी पड़ सकती है। शाम होते ही शहर के बाजार, चौराहे मौहल्ले इनदिनों फूड स्टाल के ठेलों से आबाद हो रहे हैं। कई फूड सेंटर पर शाम होते ही ऐसा लगता है मानो मुफ्त में खानपान की सामग्री बंट रही हो ।
थाटीपुर, सिटी सेंटर, गोविंदपुरी, हजीरा क्षेत्र के बाजार तेजी से विकसित हो रहे हैं। इन बाजारों में शाम होते ही हर कोना और सड़क का किनारा इन छोटे-छोटे फूड स्टालों से आबाद हो जाता है। यहां कौन क्या बेच रहा है इसकी विभाग को कोई जानकारी नहीं। केवल त्योहारों पर बड़े बड़े दुकानों के खाद्य नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा लेता है। जबकि इन फूड सेंटरों पर क्या बिक रहा है इसकी जानकारी संबंधित विभाग को होना चाहिए।
थाटीपुर और गोविंदपुरी के नजदीक बसे बाजार पर शाम को इस कदर भीड़ रहती है कि यहां ऐसा लगता है जैसे मुफ्त में कोई खाद्य पदार्थ बांटा जा रहा है। चाट-पकौड़ी, चाऊमीन, बर्गर और चाय के ठेले सर्वाधिक भीड़ वाले स्टाल बने हुए हैं। जबकि इन स्टाल पर बिक रहे खाद्य पदार्थों की जांच की जाए तो ये बेहद अमानक तेल व खाद्यान्न से तैयार होते मिलेंगे। इन स्टाल के नजदीक खड़े वाहन अक्सर मार्ग पर अवरोध पैदा करते हैं मगर इस बात की भी अनदेखी की जाती है। यही हाल मुरार जाने वाले मार्ग का देखा जा सकता है। दामों में भी काफी अंतर इन फूड स्टाल पर बिकने वाले खाद्य पदार्थ के दाम भी अलग-अलग स्टाल पर अलग अलग होते हैं। इन स्टालों पर बिकने वाला डोसा एक ही मार्केट में अलग-अलग दाम पर ग्राहकों को खरीदना पड़ रहा है। इसी तरह फूड स्टाल पर चाय के रेट भी अलग-अलग रेट पर मिल रहे हैं।
नगर निगम की अनदेखी
बड़े-बड़े प्रतिष्ठान भी जगह-जगह जमे इन फूड स्टालों से खासे परेशान है। इनके संचालकों का कहना है कि इन फूड स्टालों को वैसे तो नगर निगम के बनाए गए निर्धारित हाकर्स जोन में कारोबार करना चाहिए मगर ये बेखौफ होकर कारोबार करने में जुटे हैं।