श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंगी रागायन की संगीत सभा भजन, कजरी और भक्ति रचनाओं से सजी संगीत संध्या
ग्वालियर, । श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रविवार को ‘रागायन’ की संगीत सभा का आयोजन सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला, लक्ष्मीबाई कॉलोनी, लश्कर में किया गया। उपशास्त्रीय गीत शैलियों पर केंद्रित इस संगीत सभा में भजन, कजरी, झूला तथा विभिन्न भक्ति रचनाओं की सुमधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। संगीतप्रेमी श्रोताओं ने देर तक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों की सराहना की।
शुरू में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री पूरन बैराठी पीठाधीश्वर स्वामी श्री रामसेवक दास जी महाराज ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं गुरु पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
संगीत सभा में डॉ. मुकेश सक्सेना, टिकेंद्रनाथ चतुर्वेदी, मनीष शर्मा, श्रीमती वैशाली मोघे, श्रीमती वंदना सक्सेना, सुजल जैन, सुश्री वर्षा मित्रा एवं सुश्री सौम्या शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों ने कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत भजनों के साथ कजरी और अन्य भक्ति रचनाएं प्रस्तुत कर संगीत की विविध छटाएं बिखेरीं। कहीं कृष्ण की लीलाओं और माधुर्य का भाव मुखर हुआ तो कहीं भक्ति और विरह की अनुभूति ने श्रोताओं को भावविभोर किया। उपशास्त्रीय संगीत की मधुरता और भक्ति रस के समन्वय ने संगीत सभा को विशेष गरिमा प्रदान की।
संगीत प्रस्तुतियों के दौरान संजय राठौर डॉ विनय विंदे एवं सुश्री वर्षा मित्रा ने साज संगति प्रदान की। वाद्य संगति के साथ कलाकारों की गायकी ने प्रस्तुतियों को प्रभावपूर्ण बनाया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित इस सभा में संगीत और भक्ति का सुंदर समागम देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित संगीतप्रेमियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रागायन की इस संगीत सभा ने उपशास्त्रीय संगीत परंपरा के साथ श्रीकृष्ण भक्ति के भाव को भी श्रोताओं तक पहुंचाया।