संस्कार और शिक्षा से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभवः राठौड़
- तमन्ना फाउंडेशन ने 121 शिक्षकों का किया सम्मान
ग्वालियर। शिक्षक दिवस के अवसर पर तमन्ना फाउंडेशन द्वारा 121 शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन शासकीय विजयाराजे कन्या महाविद्यालय के विवेकानंद सभागार में किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
कार्यक्रम में जिला योजना समिति के सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक गौरव घोषित कब होगा जब यह राष्ट्र गौरवशाली होगा और यह राष्ट्र गौरवशाली तब होगा जब यह राष्ट्र अपने जीवन मूल्यों व परंपराओं का निर्वाह करने में सफल व सक्षम होगा। शिक्षक सफल कब कहलाएगा जब वह प्रत्येक व्यक्ति में राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करने में सफल हों। शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह विद्यार्थियों के पूरे जीवन को प्रभावित करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य एस.के. श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान को समाज की सकारात्मक परंपरा बताते हुए सभी सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरिओम गौतम ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में मोनू रजक, श्रीमती संध्या बापट एवं श्रीमती तृप्ति भटनाकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन महेश भदकारिया तथा आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक अमित मंडेलिया ने किया।