चार्टर्ड एकाउंटेंट से 21 करोड़ की ठगी करने वाले तीन ठग कानपुर से पकड़े
ग्वालियर। व्रिकनोवा बिल्डकोन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी चलाकर ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट से 21 करोड़ की ठगी करने वाले तीन ठगों को राज्य साइबर पुलिस की ग्वालियर शाखा ने कानपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आये साइबर ठगों ने ट्रेडब्यास नाम की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की गिरफ्त में आये ठगों के खातों से सात राज्यों के पांच स्थानों से सवा करोड़ रूपये से ज्यादा का फ्राड की रकम का लेनदेन होना पाया गया है। इस मामले में पुलिस ने तीन ठगों को पहले गिरफ्तार किया था। पुलिस पकड़े गये ठगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर जोन ग्वालियर प्रणय नागवंशी ने बताया कि ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के साथ 21 करोड़ रूपये की ठगी करने वाले तीन ठगों को कानपुर उत्तर प्रदेश से पकड़ा है। पकड़े गये ठगों के नाम आलोक गुप्ता पुत्र सुरेन्द्र गुप्ता उम्र 20 निवासी 1695 बारासिरोही कल्याणपुर जनपद कानपुर उत्तर प्रदेश, सौरभ सोनकर पुत्र स्व. सुनील सोनकर उम्र 27 धामीखेड़ा मस्वानपुर कल्याणपुर कानपुर उत्तर प्रदेश एवं रंजीत पुत्र रामबाबू उम्र 32 निवासी तारखेड़ा उन्नाव उत्तर प्रदेश हैं। उपपुलिस अधीक्षक साइबर जोन संजीव नयन शर्मा ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से साइबर ठगों ने ट्रेडिंग के नाम पर 21 करोड़ 59 लाख रूपये से ज्यादा की ठगी की थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुये मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पुलिस को जांच में पता चला कि ठगों ने ट्रेडब्यास नाम की एक फर्जी वेबसाइट बनाकर चार्टर्ड अकाउंटेंट विजयवर्गीय से निवेश कराया था और वेब पेज पर राशि का ग्राफ दिखाया जाता था जो बढ़ता घटता रहता था। जिससे उन्हें विश्वास होता था कि उन्हें लाभ हो रहा है और वह अधिक से अधिक निवेश करते रहे। पुलिस ने जब ठगों की तलाश शुरू की तो पुलिस को पता चला कि साइबर ठग कानपुर में है। जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर कानपुर से धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में ठगों ने बताया कि उन्होंने व्रिकनोवा बिल्डकोन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी तैयार कर साइबर चालू खाता खुलवाया था और उसमे फ्राड की राशि जमा करवाते थे। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया है। पुलिस ठगों से पूछताछ कर रही है।