आईआईटी दिल्ली के प्रो. पुलक मोहन पांडेय ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग से चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर दिया व्याख्यान
ग्वालियर। रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजेआईटी), बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में आयोजित एआईसीटीई-एटीएएल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आईआईटी दिल्ली के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलक मोहन पांडेय ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते उपयोग एवं इसकी संभावनाओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।
अपने व्याख्यान में प्रो. पांडेय ने 3डी एवं 4डी प्रिंटिंग, बायोमेडिकल इम्प्लांट्स, स्कैफोल्ड्स, वैस्कुलर स्टेंट्स तथा एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग आधारित उपचारात्मक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग चिकित्सा क्षेत्र में रोगियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित एवं उन्नत उपचार समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, 3डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण एवं प्रक्रिया अनुकूलन के क्षेत्र में हो रहे शोध एवं तकनीकी विकास पर भी प्रकाश डाला। सत्र के दौरान आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को चिकित्सा आवश्यकताओं से जोड़ने तथा इनके भविष्य के संभावित अनुप्रयोगों पर प्रतिभागियों के साथ चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान श्री राघवेन्द्र सिंह, कमांडेंट, एसटीसी एवं ओएसडी-आरजेआईटी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रो. डॉ. पुलक मोहन पांडेय का सम्मान किया गया। आरजेआईटी के प्राचार्य एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रशांत कुमार जैन ने प्रो. पांडेय का अभिनंदन करते हुए उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. तृप्ति शर्मा, को-कोऑर्डिनेटर, एआईसीटीई-एटीएएल एफडीपी सहित आयोजन समिति के सदस्य एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
एफडीपी के माध्यम से प्रतिभागियों को उन्नत सामग्री, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, मशीन लर्निंग तथा इनके औद्योगिक एवं जैव-चिकित्सकीय अनुप्रयोगों से जुड़े समकालीन शोध विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को उभरती तकनीकों से जोड़ने के साथ शोध, नवाचार एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए प्रेरित करना है।