दाल बाजार के चुनावों की सरगर्मी बढ़ी
- पंजवानी, गोकुल, मनीष, लिल्ले, अप्पा ताल ठोकेंगे
ग्वालियर। मध्यप्रदेश चेंबर आफ कामर्स की तर्ज पर ही अब सितंबर माह में ग्वालियर के व्यापारी जगत में हलचल रहने वाली है। यह हलचल अब दाल बाजार व्यापार समिति के चुनावों को लेकर है। चुनाव 24 सितंबर को है और इसमे जुड़े दाल बाजार के 756 व्यापारी अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसमे दाल बाजार व्यापार समिति से जुड़े व्यापारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष व आंकेक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपना प्रतिनिधि चुनेंगे।
दाल बाजार व्यापार समिति के चुनावों को लेकर वैसे दाल बाजार में विसातें बिछ चुकी है। इसमे वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पंजवानी व सचिव विवेक जैन लिल्ले दोबारा चुनाव लड़ने की ताल ठोंक चुके हैं। इस बार दाल बाजार समिति के चुनावों की खास बात यह रहने वाली है कि अब चुनाव पैनल के आधार पर नहीं व्यक्तिगत आधार पर होगा। सभी चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों ने भी तय किया है कि चुनाव व्यक्तिगत तौर पर लड़ेंगे। इस बार दाल बाजार व्यापार समिति में तमाम विवादों में घिरे रहे पूर्व अध्यक्ष गोकुल बंसल फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वह अपनी एक अपील पर 6 सितंबर को न्यायालय के फैसले के इंतजार में है। हालांकि उनके समर्थकों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। इसी बीच वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पंजवानी व सचिव विवेक जैन लिल्ले भी अपना पदीय मोह छोड़ नहीं पा रहे है। वह भी खुलकर दोबारा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके है।
हालांकि अध्यक्ष पद के लिये जो नाम सामने आ रहे है उसमे सर्वाधिक सशक्त नाम महेन्द्र साहू का है वह भी अपने मित्रों से अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने की बोल चुके है और दाल बाजार में घूम भी रहे है। साहू के अलावा वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पंजवानी, मनीष बांदिल, दीपक गुप्ता दादा, वेदप्रकाश गोयल भी अध्यक्षी का सपना देख रहे हैं। लेकिन वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पंजवानी से बाजारी टशन के कारण पूर्व अध्यक्ष गोकुल बंसल भी इस बार उनकी चुनावी खार उतारने के लिये सामने आ रहे हैं।
सचिव पद पर विवेक जैन लिल्ले के सामने अब एक बड़ा नाम श्याम बंसल अप्पा का सामने आया है। पिछले चुनाव में मात्र 56 वोटों से हारे श्याम बंसल अप्पा इस बार नये जोश व व्यापारियों से सतत संपर्क के भरोसे मैदान में है। अप्पा पूर्व में आंकेक्षक का चुनाव भी जीत चुके हैं। अप्पा के आने से विवेक जैन लिल्ले इस बार बैचेन भी हैं। अप्पा ने दाल बाजार के व्यापारियों को सतत साथ रहने का वायदा भी किया है और वह उनके काम भी आते हैं। इसी प्रकार कुछ अन्य नाम भी विभिन्न पदों पर सामने आये है। कुल मिलाकर दाल बाजार व्यापार समिति के चुनाव भी चेंबर आफ कामर्स के चुनावों से कतई कम नहीं रहने वाले हैं। यहां भी व्यापारियों में चुनावी घमासान उफान पर आने की तैयारी है, इंतजार केवल नामांकन प्रक्रिया शुरू होने भर का है।