जल संसाधन विभाग में खनिज घोटाला, जांच रिपोर्ट तलब
यमुना कछार ग्वालियर और राजघाट दतिया में भ्रष्टाचार, प्रमुख अभियंता का आदेश 3310012 दिनांक 27.07.2026
भोपाल। जल संसाधन विभाग में खनिज मंत्रालय के आदेशों की अवमानना कर करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है।
आरटीआई फाउंडेशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय दीक्षित द्वारा 16.08.2024 को शिकायत क्रमांक 20146 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि 1 अप्रैल 2018 से आज तक के निर्माण कार्यों में उपयोग किए गए खनिजों के भुगतान के समय अधिकारियों ने खनिज मंत्रालय के आदेश क्रमांक 14-10/2018/12/1 दिनांक 15.03.2018 और आदेश क्रमांक IS61/R 1058-2020/121/1 तथा खनिज मंत्री की टीप क्रमांक 476 दिनांक 19.03.2021 के पालन हेतु जारी आदेश क्रमांक /561/R/1058 दिनांक 20.04.2021 का उल्लंघन किया है। इससे राज्य शासन को करोड़ों की वित्तीय हानि हुई है।
प्रमुख अभियंता कार्यालय ने इस शिकायत पर 30.09.2024 को जांच के आदेश जारी कर मुख्य अभियंता यमुना कछार ग्वालियर और मुख्य अभियंता राजघाट नहर परियोजना दतिया से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 10 महीने तक रिपोर्ट नहीं मिलने पर अब अधीक्षण यंत्री (प्रशासन) कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन भवन तुलसी नगर भोपाल ने क्रमांक 3310012/12/तक/2021 भोपाल दिनांक 27.07.2026 को स्मरण पत्र जारी कर दोनों मुख्य अभियंताओं को त्वरित कार्यवाही कर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
आदेश में कहा गया है कि शिकायत की जांच कर जांच प्रतिवेदन चाहा गया था जो आज दिनांक तक अपेक्षित है।
संजय दीक्षित ने मांग की है कि ऑनलाइन रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले ठेकेदारों से तत्कालीन बाजार मूल्य अनुसार प्रति घन मीटर के मान से वसूली की जाए और संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 से संबंधित दस्तावेजों की विजिलेंस जांच कराई जाए।
*मुख्य बिंदु:*
- प्रमुख अभियंता का आदेश 3310012/12/तक/2021 दिनांक 27.07.2026
- यमुना कछार ग्वालियर और राजघाट दतिया से जांच प्रतिवेदन तलब
- खनिज मंत्रालय के आदेश 14-10/2018 की अवमानना का आरोप
- 1 अप्रैल 2018 से करोड़ों की वित्तीय हानि का दावा