स्वीकृत पदों को भरने में अनुमति का इंतजार न करे विश्वविद्यालयः कृषि सचिव वरवड़े
ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में स्वीकृत पदों को भरने के लिए विश्वविद्यालय को अनावश्यक अनुमति का इंतजार नहीं करना चाहिए। स्वीकृत पदों पर भर्ती एवं पदस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करे और निर्णय लेने में सक्रियता दिखाए। काम करने पर शिकायतें होंगी, लेकिन उनसे डरने की आवश्यकता नहीं है। यह बात मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने बुधवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक में कही।
सचिव निशांत वरवड़े ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि विश्वविद्यालय उनका अपना संस्थान है, इसलिए केवल 10 से 6 बजे की नौकरी तक सीमित रहने के बजाय काम की गुणवत्ता और परिणाम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्य का दायरा और समय बढ़ाने की जरूरत है। बेहतर काम ही किसी अधिकारी और कर्मचारी की पहचान बनता है। बैठक के दौरान डीआरएस डॉ. एके कौशिक, इंजीनियर अखिलेश सिंह, लेखा नियंत्रक श्रीमती रश्मि सिंह राजावत सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों से संबंधित प्रस्तुतियां दीं। बैठक से पहले सचिव ने विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि किसानों को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय बीज उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करे। इसके लिए आवश्यक साधन-संसाधन उपलब्ध कराने में शासन सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि किसान की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन लागत कम करना और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना जरूरी है। आधुनिक कृषि तकनीकों से किसानों को जोड़ने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सचिव निशांत वरवड़े ने कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सेंटर फॉर एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएआईई) का भ्रमण किया। उन्होंने नए उद्यमियों से संवाद किया और कृषि विद्यार्थियों तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। सचिव ने विश्वविद्यालय की बायोटेक्नोलॉजी लैब का निरीक्षण कर शोध कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी को भविष्य की कृषि के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस क्षेत्र में विशेष काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला और बायोटेक्नोलॉजी प्रभारी डॉ. सुषमा तिवारी से आवश्यक संसाधनों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। इस दौरान कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला, कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. वायपी सिंह, सीएआईई के नोडल अधिकारी डॉ. वायडी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।