डॉ. आलोक के खण्डकाव्य ‘महान त्यागी भरत’ का कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने किया लोकार्पण
डाॅ.आलोक रचित ‘महान त्यागी भरत’ भारतीय संस्कारों का जीवंत दस्तावेज - कलेक्टर वानखडे
दतिया। कलेक्टर आवास पर आयोजित एक सादे एवं गरिमामय समारोह में अनेक इंटरनेशनल अवार्ड विजेता डॉ. आलोक सोनी की नवीन कृति ‘महान त्यागी भरत’ खण्डकाव्य का लोकार्पण कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े द्वारा किया गया। कृति का लोकार्पण करते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने डॉ. आलोक सोनी के साहित्य साधना की प्रशंसा करते हुये कहा - डॉ. आलोक सोनी की लेखनी समाज को नई दिशा देने वाली है। ‘महान त्यागी भरत’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण का अनमोल अध्याय है। यह कृति युवा पीढ़ी को रामायण काल के आदर्श चरित्र भरत के त्याग से परिचित कराएगी और निश्चित ही प्रेरणादायक सिद्ध होगी। डाॅ.आलोक रचित ‘महान त्यागी भरत’ भारतीय संस्कारों का जीवंत दस्तावेज है - इस अवसर पर श्री शनि शक्तिपीठ नवग्रह मंदिर के पीठाधीश्वर मिथुन महाराज ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा - ‘त्यागमूर्ति भरत का चरित्र सनातन संस्कृति की आत्मा है। डॉ. आलोक ने इस पावन चरित्र को वर्तमान संदर्भ में प्रस्तुत कर अत्यंत पुण्य का कार्य किया है। इस अवसर पर कृति रचयिता डॉ. आलोक सोनी ने कहा - भरत का त्याग दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। राज्य को ठुकरा कर भाई के लिए वन-वन भटकना, यह केवल भारत में ही संभव है। मैंने इस पुस्तक के माध्यम से भरत के उस महान त्याग को जन-जन तक पहुँचाने का एक छोटा सा प्रयास किया है। मैं कलेक्टर महोदय और महाराज जी का हृदय से आभारी हूँ जिन्होंने इस कृति को आशीर्वाद दिया। ‘महान त्यागी भरत’ का प्रकाशन बसुन्धरा प्रकाशन ने किया है। समारोह में सहदेव श्रीवास्तव, धु्रव जोशी, सहदेव कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।