सफलता की कहानी: राहुल गोडिया के सपनों को मिली नई उड़ान…..
(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर| मेहनत, लगन और सही समय पर मिले अवसर से जीवन की दिशा बदली जा सकती है। राहुल गोडिया ने इसे सच कर दिखाया है। आर्थिक चुनौतियों के बीच स्वरोजगार का सपना देख रहे राहुल को प्रदेश सरकार द्वारा संचालित टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना का सहारा मिला है। उन्होंने इस योजना से ऋण – अनुदान लेकर अपना डीजे एवं एलईडी लाइट कार्य शुरू किया। आज यही स्वरोजगार उनके लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन गया है।
ग्वालियर शहर के किलागेट क्षेत्र की लधेड़ी बस्ती निवासी राहुल गोडिया लंबे समय से स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने की थी। ऐसे समय में उन्हें आदिवासी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के बारे में जानकारी मिली। राहुल ने इस योजना के तहत आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिये जनजाति कल्याण विभाग के कार्यालय में संपर्क किया। टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत राहुल को पंजाब नेशनल बैंक की जेल रोड शाखा से 89 हजार 100 रुपये की ऋण सहायता स्वीकृत हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने डीजे एवं एलईडी लाइट से संबंधित आवश्यक उपकरण एवं संसाधन जुटाकर अपना कार्य प्रारंभ किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद उन्हें अपनी मेहनत और हुनर को रोजगार में बदलने का अवसर मिला। धीरे-धीरे उनके कार्य को स्थानीय स्तर पर पहचान मिलने लगी और उनकी आय का नियमित स्रोत तैयार हुआ।
राहुल बताते हैं कि स्वरोजगार ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ भविष्य के लिए भी नई योजनाएं बना पा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें किसी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। राहुल को योजना के तहत ऋण भुगतान पर 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान का लाभ भी मिल रहा है। यह सहायता उनके लिए व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।