जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ निकली रथयात्रा
- 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले भगवान
- विदेशी कीर्तन मंडल, श्री चैतन्य महाप्रभु की झांकी बनी आकर्षण का केन्द्र
ग्वालियर। इस्कॉन की ओर से शनिवार को भगवान श्री जगन्नाथ भगवान की भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलदेव और बहन सुभद्रा के साथ विशेष रूप से तैयार 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचते हुए जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के जयघोष कर रहे थे। रथयात्रा से पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया था।
शनिवार सायं रथयात्रा का शुभारंभ जीवाजी क्लब से हुआ। रथयात्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भगवान की पूजा-अर्चना और पारंपरिक छेरा पहंरा (स्वर्ण झाड़ू) सेवा के बाद रवाना किया। इस बार की रथयात्रा कई मायनों में खास है। 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ को करीब 200 किलोग्राम प्राकृतिक फूलों से सजाया गया था। यात्रा में रूस से आए कीर्तन मंडल, वृंदावन के श्रद्धालु और दिल्ली का प्रसिद्ध माधवास रॉक बैंड ने हरे नाम संकीर्तन प्रस्तुत किया। यात्रा में भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु और पंचतत्व की भव्य पालकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। रथयात्रा जीवाजी क्लब से शुरू होकर अचलेश्वर मंदिर, इंदरगंज, दाल बाजार, नया बाजार, लोहिया बाजार, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार नई सड़क और लक्ष्मीगंज होते हुए गोयल वाटिका पहुंची। यहां महाआरती, विशाल भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा मार्ग पर भगवान जगन्नाथ के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत मंच, पुष्पवर्षा और जलपान की व्यवस्था की थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मार्ग में भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे थे। रथयात्रा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात थे।
वैश्य महासम्मेलन की टीम ने भी स्वागत किया
जगन्नाथ रथयात्रा का स्वागत सनातन धर्म मंदिर गेट पर मंच बनाकर वैश्य महासम्मेलन की टीम ने प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, संभागीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, अजय गोयल, विनय अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, अनिल जैन, विवेक गुप्ता सहित एक सैंकड़ा लोगों की उपस्थिति में भव्य अगवानी की और आरती भी उतारी।