फ्रांस। दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के निर्देशन में फ्रांस एवं इटली में निवासरत भारतीय समुदाय तथा विश्वभर में बसे बुंदेलखंडवासियों ने छतरपुर में निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेज का नाम बुंदेलखंड की महान विभूतियों में से किसी एक के नाम पर रखने की मांग को लेकर भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन तैयार किया है। यह ज्ञापन फ्रांस एवं इटली स्थित भारतीय दूतावासों के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि बुंदेलखंड केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि संतों, ऋषियों, तपस्वियों, समाज सुधारकों, विद्वानों और राष्ट्रनिर्माताओं की पावन कर्मभूमि है। इस धरती ने देश को अनेक ऐसी महान विभूतियाँ दी हैं, जिन्होंने अपने तप, त्याग, ज्ञान, सेवा और लोककल्याण के कार्यों से समाज को नई दिशा प्रदान की है। आज जब छतरपुर में वर्षों से प्रतीक्षित शासकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण साकार हो रहा है, तब विश्वभर में बसे बुंदेलखंडवासियों की भावना है कि इस संस्थान का नाम भी क्षेत्र की किसी महान विभूति के नाम पर रखा जाए।
ज्ञापन में श्री मतंगेश्वर महाराज, श्री संन्यासी बाबा (बागेश्वर धाम), पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री जी, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, संत श्री नारायण महाराज जी, श्री पद्म सिंह बाबा जी (झाड़ू वाले बाबा), संत श्री शरीर जी महाराज (मोटे के महावीर मंदिर), संत श्री प्रेम गिरी महाराज तथा पद्मश्री डॉ. अशोक हेमल के नाम प्रस्तावित किए गए हैं।
दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा ने कहा कि किसी भी शिक्षण एवं चिकित्सा संस्थान का नाम केवल उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि वह उस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और प्रेरणा का स्थायी प्रतीक बन जाता है। यदि मेडिकल कॉलेज का नाम इन महान विभूतियों में से किसी एक के नाम पर रखा जाता है, तो यह समूचे बुंदेलखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का सम्मान होगा तथा आने वाली पीढ़ियों को सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा प्राप्त होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल तथा भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल को भी प्रेषित की जा रही है।
इस अवसर पर दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के फ्रांस प्रतिनिधि इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता सहित फ्रांस एवं इटली में बसे अनेक बुंदेलखंडवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस जनभावना का समर्थन करते हुए कहा कि छतरपुर मेडिकल कॉलेज का नाम बुंदेलखंड की महान विभूतियों में से किसी एक के नाम पर रखा जाना क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता, गौरव और ऐतिहासिक विरासत का सम्मान होगा।
कार्यक्रम में फ्रांस में अप्रवासी पाण्डुचेरी निवासी तथा विश्वविख्यात कत्थक नृत्य के कुशल साधक एवं भारतीय शास्त्रीय कला के प्रतिष्ठित कलाकार श्री रघुनाथ मानेत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा में चार चाँद लगा दिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य परंपरा के संरक्षण तथा उसके वैश्विक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की।