खजुराहो। भारत की प्राचीन योग परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर , खजुराहो के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के संयोजन में 20 एवं 21 जून को फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
फ्रांस में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय समारोह में योग, ध्यान, प्राणायाम एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को सफल बनाने में फ्रांस स्थित संस्था के प्रतिनिधि सुरेन्द्र गुप्ता का विशेष योगदान रहेगा। कार्यक्रम में फ्रांस के स्थानीय नागरिकों, योग साधकों, प्रवासी भारतीयों तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय सहभागिता रहेगी।
हाल ही में प्रधानमंत्री की जी-7 देशों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी तथा फ्रांस में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के कारण वहां भारतीय संस्कृति और योग के प्रति विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद फ्रांस में रह रहे भारतीयों एवं स्थानीय नागरिकों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर अभूतपूर्व उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन से जुड़ने के लिए उत्सुक हैं।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रवासी भारतीय समाज के सुप्रसिद्ध सांस्कृतिक व्यक्तित्व एवं उनके विश्वप्रसिद्ध राजस्थानी सांस्कृतिक समूह की प्रस्तुति होगी। इस अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक संगीत एवं पारंपरिक नृत्यों पर आधारित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जो भारतीय संस्कृति की विविधता और गौरवशाली परंपरा का अद्भुत परिचय देगा।
पंडित शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। आज योग सम्पूर्ण विश्व को शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन का संदेश दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन न केवल योग के वैश्विक प्रसार को नई गति देगा, बल्कि भारत और फ्रांस के मध्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।
योग, संस्कृति और वैश्विक मैत्री के इस संगम को लेकर फ्रांस में भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है तथा आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।