साहित्यिक कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका पर वक्ताओं ने रखे विचार
- केन्द्रीय पुस्तकालय में सामाजिक सदभाव में महिलाओं और साहित्यकारों की भूमिका विषय पर गोष्ठी आयोजित
ग्वालियर। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय ग्वालियर के रंगण सभागार में शनिवार को संस्कार भारती ग्वालियर और ह्यूमन सपोर्ट एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय सामाजिक सदभाव में महिलाओं और साहित्यकारों की भूमिका रखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भगवानस्वरूप चैतन्य ने की। मुख्य अतिथि शैवाल सतधारी और अतिविशिष्ट अतिथि श्रीधर पराशर थे। दीप प्रज्जवलन संस्था के सचिव मोहन सिंह बैस ने किया। संचालन सुनीति बैस ने किया और सरस्वती वंदना आशा पाण्डेय ने प्रस्तुत की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. भगवानस्वरूप चैतन्य ने कहा कि विभिन्न जातियों, धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के बीच शांति और भाईचारे का संदेश साहित्यकार अपनी कविता, कहानी, लेख व निबंध के माध्यम से लोगों तक पहुंचाए। कार्यक्रम के दौरान कवियों ने अपनी रचनाएं भी सुनाईं। डॉ. विक्रम सिंह तोमर, अन्नापाल सिंह भदौरिया, डॉ. रमेश कटारिया, सुबोध चतुर्वेदी, घनश्याम भारती, डॉ. भगवानस्वरूप चैतन्य, राज किशोर वाजपेयी अमय, किंकर पाल सिंह जादौन, सुनीति बैस, ज्योति दिनकर, रामलाल साहू बेबस, आशा पाण्डेय और अमित चितवन ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम में अन्नापाल सिंह भदौरिया, डॉ. विक्रम सिंह तोमर, डॉ. रमेश कटारिया, पारस, सुबोध चतुर्वेदी, ज्योति दिनकर, रामलाल साहू, अमित चितवन, राकेश कुमार शर्मा और विवेक कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और पुस्तकालय के सदस्य उपस्थित रहे।