झांसी रोड -एक फिर आबाद, बाल सखा ने पराठा पार्टी की
किसी जमाने में ग्वालियर-चंबल संभाग का शक्ति केन्द्र रहा झांसी रोड का बंगला नंबर एक फिर आबाद होने लगा है। बालसखा के नेतृत्व में यहां नये पुराने कांग्रेसी एक जुट हुये है, और इस बार चुनावी अभियान में झांसी रोड का यह निजी बंगला सबसे अधिक सक्रिय भी रहा। स्वयं बाल सखा ने पूरे अंचल में दो दर्जन से भी अधिक सभाएं और बैठकें कर कांग्रेस के लिये दमदारी जुटाई।

वैसे यहां बता दें कि बाल सखा के रूप में विख्यात कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला का प्रदेश भर में अपना अलग वजूद है और वह पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया के बाल सखा के रूप में विख्यात रहे हैं। बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया से सही तालमेल न बैठ पाने के कारण वह पहले बसपा में फिर भाजपा में आ गये थे, अब सिंधिया के भाजपा में आने के बाद बाल सखा कांग्रेस में वापस आ गये। वैसे बाल सखा ब्राह्मण समाज के साथ-साथ सभी समाजों में अपनी पैठ रखते हैं। बाल सखा ने चुनावी थकान उतारने के बाद आज अपने झांसी रोड एक पर पराठा पार्टी की , जिसमें आलू के परांठे, बथुआ का रायता व गजक मुख्य मीनू थे। इस पराठा पार्टी में कांग्रेस के दिग्गज जुटे और कांग्रेस की अगली रणनीति पर चर्चा भी की। वहीं सरकार बनने के लिये सभी ने अपने -अपने तर्क भी रखे। अधिकांश ने चैनलों के सर्वे को बोगस और प्रायोजित करार दिया।
इस परांठा पार्टी में बाल सखा बालेन्दु शुक्ला के अतिरिक्त पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, केके समाधिया, वासुदेव शर्मा, इंटक अध्यक्ष रतीराम यादव, राजेन्द्र नाती, हरिओम शर्मा सेंथरी, अशोक प्रेमी, महाराज सिंह पटेल , रामेश्वर दयाल सिंघल रम्मी भारती , रामसिंह चौहान, रामस्वरूप बरैया, अमर सिंह माहौर, कांग्रेस प्रवक्ता द्वय आरपी सिंह, राम पांडे, अख्तर हुसैन कुर्रेशी, प्रकाश वीर, धर्मेन्द्र कुशवाह, प्रेम सिंह कौरव, गोविंद अग्रवाल, आसिफ अली, अशरफ खान, सत्येन्द्र जाटव, संजय राठौर, नगर पाल आर्य, रामेन्द्र शर्मा, रामकुमार कटारे, रंजीत तोमर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।