- निगम परिषद की बैठक में सभापति तोमर ने दिया निर्देश
ग्वालियरं नगर निगम परिषद के विशेष अभियाचित सम्मेलन का आयोजन सभापति मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में निगम परिषद कार्यालय में आयोजित किया गया। बैठक में बिंदु क्रमांक 6 निगम की अचल संपत्तियों कें संबंध में पारित ठहराव का क्रियान्वयन कराये जाने पर सभापति तोमर ने कहा कि आगामी बैठक में चर्चा कर निर्णय किया जाएगा।
बैठक में बिंदु क्रमांक 7, 15वें वित्त की राशि से कराए गए कार्यों के संबंध में चर्चा उपरांत सभापति तोमर ने निर्देशित किया कि 15वें वित्त की राशि से क्या क्या कार्य कराये गए, समस्त कार्यों की सूची नस्ती सहित 15 दिवस में उपलब्ध करायें। इसके साथ ही बिंदु क्रमांक 8 स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विगत वर्ष में कराये गए कार्यों पर चर्चा उपरांत सभापति तोमर ने निर्देशित किया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कितने कार्य कराए गए हैं 15 दिवस में परिषद को उपलब्ध करायें, जिससे पार्षदगण अध्ययन कर सकें तथा निर्णय लिया सके। बैठक में बिंदु क्रमांक 9 ग्वाला नगर स्थापित करने के संबंध में चर्चा उपरांत सभापति तोमर ने निर्देशित किया कि उक्त संबंध में निगम प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है वस्तुस्थिति से अवगत कराएं, जिससे निर्णय लिया जा सके। बिंदु क्रमांक 10 निगम सीमांतर्गत काबिज संपत्तियों के संबंध में ठहराव पर चर्चा उपरांत सभापति तोमर ने निर्देशित किया सदस्यों ने जो समस्या बताई है, उनको ध्यान में रखते हुए पटवारी की जो टीप है उसे विलोपित किया जाए, साथ में जो काबिज शब्द पूर्व में नहीं लिखा जाता है तो उन आईडी में काबिज शब्द लिखा जाए।
बिंदु क्रमांक 11 निगम सीमांतर्गत स्मार्ट सिटी द्वारा कराये गए कार्यों पर चर्चा उपरांत सभापति तोमर न निर्देशित किया कि सदस्यों की मांग पर स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कराये गए समस्त कार्यों की जानकारी 7 दिवस में बताएं तथा नगर निगम में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की सेवा लेने पर रोक लगाई जाती है, साथ ही निगम की जितनी सम्पत्तियों में स्मार्ट सिटी द्वारा कार्य कराये गए है, उन समस्त सम्पत्तियों को निगम के आधिपत्य में लेने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया जाता है। बैठक में विद्युत शाखा में केवल खरीदी में अनियमितता के संबंध में चर्चा उपरांत सभापति तोमर ने 4 सदस्यीय जांच समिति बनाई जिसमें पार्षद गिर्राज कंसाना को समिति संयोजक, सदस्य के रूप में पार्षद बृजेश श्रीवास, मोहित जाट, मनोज राजपूत को शामिल किया गया। समिति जांच रिपोर्ट 15 दिवस में जांच कर सदन में प्रस्तुत करेगी। चर्चा रहते बैठक 11 जून तक के लिए स्थगित कर दी गई।