आरजेआईटी के छात्रों ने बीएसएफ टियर स्मोक यूनिट के लिए विकसित किया नेक्स्ट-जेन ईआरपी सिस्टम, एडीजी ने किया सम्मानित
ग्वालियर। रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजेआईटी), बीएसएफ अकादमी ग्वालियर के छात्रों ने रक्षा लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए बीएसएफ की टियर स्मोक यूनिट (TSU) के लिए अत्याधुनिक एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) एवं इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया है। इस स्वदेशी डिजिटल प्रणाली ने पारंपरिक मैनुअल लॉगिंग व्यवस्था को पूर्णतः प्रतिस्थापित कर रक्षा-स्तरीय सुरक्षा मानकों पर आधारित सुरक्षित एवं कंटेनराइज्ड डिजिटल आर्किटेक्चर स्थापित किया है।
इस तकनीकी उपलब्धि के लिए 12 मई 2026 को आयोजित समारोह में बीएसएफ टेकनपुर के अपर महानिदेशक श्री आनंद प्रताप सिंह, IPS द्वारा छात्र टीम को सम्मानित करते हुए ₹25,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। टियर स्मोक यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी परियोजना की सराहना करते हुए इसे यूनिट की परिचालन दक्षता एवं इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस ईआरपी प्रणाली में उन्नत क्रिप्टोग्राफिक हैशिंग मैकेनिज्म, डेटा इंटीग्रिटी प्रोटोकॉल एवं रोल-बेस्ड एक्सेस कंट्रोल (RBAC) जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे संवेदनशील रक्षा लॉजिस्टिक डेटा की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक भौतिक घटक के लिए विशिष्ट डिजिटल फिंगरप्रिंट तैयार कर प्रणाली में सुरक्षित डिजिटल ऑडिट ट्रेल विकसित किया गया है।
यह परियोजना डीन स्टूडेंट वेलफेयर एवं टीम सुपरवाइजर डॉ. उमा शंकर शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित की गई। छात्र टीम में प्रथम वर्ष सीएसई के श्री भव्य शर्मा ने टीम लीड, बैकएंड डेवलपर एवं डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कार्य करते हुए कोर आर्किटेक्चर, डेटा इंटीग्रिटी फ्रेमवर्क एवं तकनीकी सहायता का नेतृत्व किया। द्वितीय वर्ष सीएसई की सुश्री तान्या शर्मा ने फ्रंटएंड डेवलपर के रूप में कार्य करते हुए यूजर इंटरफेस एवं डैशबोर्ड डिजाइन को विकसित किया। प्रथम वर्ष सीएसई के श्री प्रणव कुमार शर्मा ने ग्राफिक्स डिजाइनिंग एवं विजुअल एसेट्स तैयार किए। श्री अभिनव कुमार सिंह ने टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन एवं ऑपरेशनल मैनुअल तैयार किए, जबकि श्री बौद्ध प्रकाश ने रिसर्च एवं सपोर्ट कार्यों में सहयोग प्रदान किया।
आरजेआईटी के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार जैन ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं छात्रों को वास्तविक तकनीकी चुनौतियों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करती हैं तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने छात्र टीम एवं मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए कहा कि आरजेआईटी निरंतर नवाचार एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओएसडी-आरजेआईटी एवं कमांडेंट सीएसएमटी मनीष चंद्रा ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में तकनीकी समाधान विकसित करने में छात्रों की भागीदारी अत्यंत प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं तकनीकी उत्कृष्टता को प्रदर्शित करती है तथा भविष्य में अकादमिक-डिफेंस सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी।