ग्वालियर। अखिल भारतीय हिन्दी सेवा समिति के तत्वावधान में एक गरिमामय आयोजन में स्थानीय साहित्यकार और पत्रकारों का सम्मान किया गया। आचार्य जगदीश तोमर जी के मुख्य आतिथ्य और संस्था अध्यक्ष सुमत सहयोगी के सानिध्य में किए गए इस कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकार और पत्रकारों ने मुख्य प्रबोधन में कहा कि पत्रकार और साहित्यकार समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनके माध्यम से समाज में चेतना का प्रकटीकरण होता है। वक्ताओं ने कहा कि हम सभी मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करने में सहभागी बनें, जो देश के सामर्थ्यवान बना सकें।
हुजरात पुल स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में संभाग के प्रमुख साहित्यकारों ने भाग लिया। सम्मान कार्यक्रम के मध्य में कई साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की शानदार प्रस्तुति दी। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमत सहयोगी ने माटी की वंदना करके वातावरण में देश भाव की महक बिखेर दी। साहित्यकार डॉ. वन्दना सेन ने माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की और अंचल के मांगीलाल मरमिट ने एक नए अंदाज और नए शब्दों में वन्देमातरम का गायन किया। जिसे उपस्थित महानुभावों ने जमकर सराहा।
इस अवसर पर 60 से ज्यादा विशेष विभूतियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार राजेश अवस्थी लावा ने सफल संचालन किया।
मंच पर इनकी रही उपस्थिति
अखिल भारतीय हिन्दी सेवा समिति द्वारा आयोजित समारोह के मंच पर कई विभूतियाँ विराजमान थी। जिनमें आचार्य जगदीश तोमर, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुरेश सम्राट, मुरारीलाल गुप्त गीतेश, संस्था के अध्यक्ष अमर सिंह यादव, अनंगपाल सिंह भदौरिया, सुनील त्रिपाठी निराला, सुरेश हिंदुस्तानी आदि।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
पत्रकारों में बच्चन बिहारी, धर्मेंद्र त्रिवेदी, राजीव अग्रवाल, डॉ. विनोद केशवानी, बलराम सोनी, राजीव सिकरवार, विवेक श्रीवास्तव आदि तथा साहित्यकारों में सरनाम सिंह यादव, रामलखन शर्मा, आरती श्रीवास्तव, रेखा दीक्षित, चेतराम भदौरिया, ज्योति दोहरे, राजकिशोर राज, आलोक शर्मा, रमेश त्रिपाठी आदि।