दतिया।दतिया स्थित मां पीतांम्बरा प्रसिद्ध पीठ पर अब स्थानीय न्यासी सहित पंडों महंतों द्वारा अपने रसूख को कायम रखने के लिए व्यावसायिक गतिविधियों का केन्द्र बनाया जा रहा है। इसके लिए निर्माण के नाम पर गतिविधियां चलाई जाकर पैसे का दुरूपयोग किया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों के विरोध करने पर आहुत बैठकों को निरस्त कर अपनी मनमर्जी चलाई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बात का विरोध कर रहे मंदिर के सदस्यों की आज एक बैठक का आयोजन किया गया, लेकिन तय समय से पहले ही बैठक को अचानक निरस्त कर दिया गया। बताया जाता है कि मंदिर कमेटी के स्थाई सदस्य न्यासी गण मिलकर नित नये नये बडे गेट बनवा रहे है इतना ही नहीं पूर्व के स्वामीजी महाराज की साधना स्थली को भी खुर्द बुर्द किया जा रहा है। स्थानीय साधकों का कहना है इस समय जब नव दुर्गा महोत्सव चल रहे हैं ऐसे में नव निर्माण कराना और नव निर्माण से साधकों को हो रही परेशानी को कोई न्यासी या महंत पंडे नहीं देख रहे है। वह तो सिर्फ पैसों का बंदरबांट करने के लिए नित नये प्रयोग कर रहे है।
स्थानीय साधकों का कहना है कि स्वामी जी की तपोस्थली बगीचा, एवं मां धूमावती मंदिर के साथ कोई छेडछाड ना की जाए क्योंकि उक्त स्थान को स्वामी जी ने अपने प्राणतत्व से जाग्रत किया था। इसी के चलते उक्त स्थान की लोगांे के प्रति आस्था थी और देश के जाने माने उद्योग पति राजनेता राष्ट्र प्रमुख मां पीताम्बरा पीठ पहुंच कर अपनी मुराद लेकर आते थे और झोलियां भरकर जाते थे। लेकिन स्थानीय कमेटी द्वारा उक्त गरिमा के साथ छेडछाड कर रहे है। स्थानीय साधकों ने स्थानीय समिति के निर्णय का विरोध किया है। अब देखना है कि स्थानीय समिति पीताम्बरा पीठ नव दुर्गा पर नव निर्माण पर रोक लगायेंगे या फिर व्यवसायिक गतिविधियों को जारी रखेंगे इसका इंतजार रहेगा।
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