मरुधरा में जन कल्याण एवं विकास ने पकड़ी रफ्तार

30 मार्च को मनाया जाता है राजस्थान दिवस
-प्रदीप कुमार वर्मा
महान देशभक्त महाराणा प्रताप एवं महाराजा सूरजमल का शौर्य। भक्त शिरोमणि मीराबाई का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम। स्वामिभक्त पन्नाधाय का अपने पुत्र का बलिदान। रानी मां पद्मिनी का जौहर व्रत। और विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर और पुष्कर धाम। रेतीले धोरों की धरती कही जाने वाली "मरुधरा" राजस्थान की देश और दुनियां में बस यही पहचान है। अपनी स्थापना के लिहाज से आज हमारा राजस्थान 76 वर्ष का हो गया।  प्रदेश की भजनलाल सरकार ने अब राजस्थान दिवस को हिंदू नव वर्ष के मौके पर मनाने का ऐलान किया है। अपनी त्याग और बलिदान की परंपरा तथा लोक तीर्थ के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के लिए यह एक सुखद और गर्व करने वाला क्षण है। इस वर्ष राजस्थान दिवस के मौके पर प्रदेश की भजनलाल सरकार ने सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया है। यही नहीं प्रदेश की भजनलाल सरकार द्वारा किए गए कार्य तथा बेहतर नीतियों के चलते मरुधरा में जन कल्याण एवं विकास ने भी रफ्तार पकड़ ली है।
             देश के सबसे बड़े सूबे का दर्जा प्राप्त राजस्थान का गठन वर्ष 1949 में  हुआ था, जो कि कुल 22 रियासतों को मिलाकर बना था। राजथान  में राजा-महाराओं की अपनी सत्ता थी। ऐसे में राजस्थान का एकीकरण कुल सात चरणों मे पूरा हुआ। वर्ष 1948 में 18 मार्च से शुरू होकर एक नवंबर 1956 तक यह कवायद चली। इस प्रक्रिया में कई रियासतों को मिलाकर आधुनिक राजस्थान राज्य का गठन किया गया।  राजस्थान के एकीकरण के पहले चरण में  18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ का गठन हुआ।  जिसमें भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर रियासतें शामिल थीं। इसके बाद में दूसरा चरण 25 मार्च 1948 को राजस्थान संघ का गठन हुआ। जिसमें बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, और टोंक रियासतों को शामिल किया गया। राजस्थान के एकीकरण के तीसरे चरण में  18 अप्रैल 1948 को उदयपुर रियासत को राजस्थान संघ में शामिल किया गया। 
                वहीं,चौथे चरण में 30 मार्च 1949 को बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर और जोधपुर रियासतों को संयुक्त राजस्थान में मिला दिया गया।  इसी प्रकार पांचवें चरण में 15 मई 1949 को मत्स्य संघ का विलय वृहत् राजस्थान में कर दिया गया।  राजस्थान के छठे चरण में 26 जनवरी 1950 को सिरोही रियासत का विलय संयुक्त राजस्थान में कर दिया गया।  सातवें चरण में 1 नवंबर 1956 को राजस्थान राज्य का गठन हुआ, जिसमें 26 जिले थे।  सरदार वल्लभ भाई पटेल और वीपी मेनन ने राजस्थान के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश की आजादी के बाद जब रियासतों का एकीकरण हुआ तब भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की 8वीं धारा के अनुसार देशी रियासतों को आत्म-निर्णय का अधिकार दिया गया था। राजस्थान के एकीकरण में 8 वर्ष, 7 महीने और 14 दिन का समय लगा। राजस्थान की 22 रियासतों का भारत में विलय करने के बाद इसका कुल क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है, जिसकी राजधानी जयपुर है। 
           राजस्थान पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात के साथ-साथ पाकिस्तान से भी अपनी सीमा साझा करता है। बताते चलें कि राजस्थान का राजकीय पशु चिंकारा, राजकीय पक्षी गोडावण और राजकीय वृक्ष खेजड़ी है। कभी देश के बीमारू राज्यों में शुमार राजस्थान अब प्रगति की राह पर सरपट दौड़ रहा है। बीते एक साल में राजस्थान में भाजपा सरकार ने जन हित के कई कार्य किए हैं। जिसके चलते कल्याणकारी राज्य की संकल्पना सरकार हो रही है। यही नहीं डबल इंजन की सरकार होने के चलते मरुधरा में अब विकास दुगनी गति से हो रहा है तथा केंद्र की योजनाओं का बेहतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन होने से भी राजस्थान के आवाम को राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही पेपर लीक माफियाओं पर तीव्र गति से कार्रवाई हुई। पेपर लीक माफियाओं के साथ ही पेपर लीक मामले आरोपी आरपीएससी के सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। 
       इसके साथ ही कई वर्षों से विवादों में अटकी ईआरसीपी का मामला सुलझाया गया। दिल्ली में जलशक्ति मंत्री की मौजूदगी में राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच डीपीआर तैयार करने पर एमओयू हुआ। इससे मरुधरा के  21 जिलों को सिंचाई पेयजल का पानी मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने पहले ही साल में निवेश के द्वार खोले हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू किए हैं। यह राजस्थान की अर्थव्यवस्था को बढ़ाकर 350 अरब डॉलर करने के सरकार के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके लिए सरकार ने इस साल के बजट में पूंजीगत व्यय में 65 प्रतिशत की वृद्धि की है। उम्मीद है कि इन एमओयू से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा तथा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बीते करीब एक साल में सरकार ने 32,254 पदों पर नियुक्तियां दी हैं और 91,928 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 
        प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त 2,000 रुपये देने वाली ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत 65 लाख से अधिक किसानों को कुल 653.4 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। प्रदेश की भजनलाल सरकार की उपलब्धियां में बुजुर्गों के लिए सभी जिलों के अस्पतालों में "रामाश्रय" योजना लागू करना, वरिष्ठ तीर्थ यात्रा योजना में लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी, लाडो योजना में राशि में इजाफा, अन्नपूर्णा रसोइयों का संचालन, प्रदेश के नव सृजित जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं का विकास तथा सड़क, सुरक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा सामाजिक सहायता के क्षेत्र में नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। इस वर्ष प्रदेश की भजनलाल सरकार ने राजस्थान दिवस के कार्यक्रमों को पूरे एक सप्ताह तक मनाने का निर्णय किया है। जिसके चलते राजस्थान दिवस पर महिला एवं किसान सम्मेलन सहित अन्य आयोजन हो रहे हैं। इन आयोजनों में  सहभागिता देखने को मिल रही है।
-लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

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