प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान में "स्पंदन–2026" का भव्य शुभारंभ
ग्वालियर। प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के वार्षिक महोत्सव "स्पंदन–2026" का शुभारंभ आज दिनांक 01.11.2026 को संस्थान के न्यू कन्वेंशन हॉल में गरिमामय उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। प्रातः लगभग 10:00 बजे अतिथियों के आगमन के बाद मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इसके पश्चात् पुष्प भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया गया। यह महोत्सव 01.11.2026 से 04.11.2026 तक चलेगा, जिसमें ग्वालियर एवं बाहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी अलग–अलग प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य अतिथि * जय प्रकाश राजोरिया* , जिला अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, ग्वालियर का परिचय कराने के बाद उन्होंने संबोधित किया। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ–साथ ऐसे मंच विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगिताओं को जीत–हार से ऊपर उठकर सीखने के अवसर के रूप में लेने का आह्वान किया। ऐसे मंच विद्यार्थियों को किताबों से बाहर की दुनिया सिखाते हैं। यहाँ टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है। मेरा सभी प्रतिभागियों से आग्रह है कि जीत–हार की चिंता किए बिना पूरे उत्साह से भाग लें, क्योंकि मंच पर आने का साहस ही सबसे बड़ी सफलता की पहली सीढ़ी है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित * बिंदुसार सिंह भदौरिया* , डीएसपी ग्रामीण, ग्वालियर का परिचय कराया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझाया तथा कहा कि युवा ऊर्जा को सही दिशा मिले तो वही समाज की सबसे बड़ी ताकत बनती है। "युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। ऐसे आयोजन आपकी ऊर्जा को सही दिशा देते हैं। खूब खेलिए, खूब सीखिए और आनंद लीजिए, लेकिन अनुशासन और मर्यादा का साथ कभी मत छोड़िए। नशे और गलत संगत से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कीजिए, यही आपकी असली जीत होगी।
अतिथियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक *प्रो. (डॉ.) निर्मल्य बंद्योपाध्याय* ने कहा कि स्पंदन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और निखारने का मंच है। स्पंदन' का अर्थ ही हृदय की धड़कन है। यह महोत्सव हमारे विद्यार्थियों की ऊर्जा, रचनात्मकता और उत्साह की धड़कन है। हमारा प्रयास रहता है कि कक्षा की पढ़ाई के साथ–साथ विद्यार्थियों को मंच, अनुभव और आत्मविश्वास भी मिले, ताकि वे केवल अच्छे प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि अच्छे इंसान भी बनें।
स्पंदन–2026 की समन्वयक सहायक प्राध्यापक *सोनम कुशवाह* ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि चार दिनों में विभिन्न प्रबंधन, तकनीकी, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। सभी प्रतियोगिताओं में निर्णायक संस्थान से बाहर के होंगे ताकि निष्पक्षता बनी रहे, सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा तथा मौके पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।
उद्घाटन के उपरांत पहले दिन चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है:
• सेल–ओ–रामा (एड वॉर) – दोपहर 12:00 बजे, सेमिनार हॉल-2 (समन्वयक: डॉ. अमृता भदौरिया)
• ह्यूमन स्नेक्स एंड लैडर्स – दोपहर 12:00 बजे, बास्केटबॉल कोर्ट (समन्वयक: सुश्री नेहा भदौरिया)
• गूँज – गायन प्रतियोगिता – दोपहर 12:30 बजे, डोम एरिया (समन्वयक: सुश्री महिमा गुप्ता)
• आई.टी. क्विज़ – दोपहर 02:00 बजे, सेमिनार हॉल-1 (समन्वयक: सुश्री मेधस्वी जोस)
आगामी कार्यक्रम
दूसरा दिन (02.11.2026): वर्चुअल शेयर ट्रेडिंग, बेस्ट मैनेजर प्रतियोगिता, जायका – फायरलेस कुकिंग, डांस डैज़ल, लॉ क्विज़ एवं छवि – फोटोग्राफी।
तीसरा दिन (03.11.2026): जस्ट–अ–मिनट, गेमिंग वॉरियर्स, अन्त्याक्षरी, ओपन माइक एवं चित्रकला।
चौथा दिन (04.11.2026): जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में सांस्कृतिक संध्या एवं समापन समारोह, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
प्रायोजक
मुख्य प्रायोजक: OPPO
सह-प्रायोजक: पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ललित जैन केटरिंग एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विस, SK पेंटर्स, एनकोर कंस्ट्रक्शन्स, क्राफ्टन इंडिया एस्पोर्ट्स, स्टूडियो SAPL – स्पेस आर्किटेक्ट्स प्रा. लि.
संस्थान सभी प्रायोजकों के सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
बड़ी संख्या में प्रतिभागिता को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में शहर के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट द्वारा खाद्य एवं पेय पदार्थों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। धन्यवाद ज्ञापन स्पंदन–2026 की सांस्कृतिक समन्वयक सहायक प्राध्यापक स्वीटी दुबे ने किया। उद्घाटन सत्र की समन्वयक डॉ. आम्रपाली चावला रहीं। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ।