पारंपरिक खेलों के बहाने जुड़ा संगठन, ‘स्पंदन’ में गूंजी भारतीय संस्कृति की धड़कन
भारतीय शिक्षण मंडल, ग्वालियर के ‘स्पंदन’ कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पारंपरिक खेलों और संगठनात्मक संवाद का जीवंत संगम देखने को मिला। मंसा देवी मंदिर, सखिया विलास, तपोवन के पास आयोजित कार्यक्रम में संगठन के 44 सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री पंकज नाफड़े का विशेष सानिध्य रहा।
कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा सहित प्रांत और जिले के विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ‘स्पंदन’ के दौरान सितोलिया, मटका फोड़, चार धाम यात्रा, बूझो और ढूंढो तथा परिवार जोड़ो जैसे पारंपरिक एवं मनोरंजक खेलों ने माहौल में उत्साह भर दिया। खेलों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल अपनी सक्रियता दिखाई, बल्कि आपसी संवाद, सहयोग और सामूहिकता की भावना को भी मजबूत किया।
इस अवसर पर पंकज नाफड़े ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि मजबूत कार्यकर्ता ही संगठन के विचारों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम हैं।
जिला संपर्क अधिकारी सुश्री स्वाति पेंडसे ने भोपाल में आयोजित होने वाले प्रथम कार्यकर्ता सम्मेलन की जानकारी दी और कार्यकर्ताओं से इसमें सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री शुभम जैन एवं कार्यक्रम संयोजक सुश्री माधवी सिंह ने किया। अंत में सभी सदस्यों ने सामूहिक भोजन किया। आत्मीय संवाद, पारंपरिक खेलों और भारतीय संस्कारों से सराबोर वातावरण के बीच ‘स्पंदन’ कार्यक्रम का समापन हुआ।