ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तानसेन नगर द्वारा सहयोग गार्डन, रामटापुरा में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आज विधिवत समापन हुआ। अंतिम दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा हवन-यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वकल्याण की मंगलकामना की गई। विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति संपन्न हुई और सात दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन का समापन हुआ।
कथावाचिका राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने अंतिम दिवस शिव के विभिन्न स्वरूपों एवं उनकी महिमा को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का स्वरूप कल्याणकारी, निराकार एवं परम पवित्र स्वरूप का प्रतीक है। शिव के विभिन्न नाम और स्वरूप मनुष्य को जीवन में पवित्रता, सत्यता, संयम, आत्मिक शक्ति एवं श्रेष्ठ कर्मों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण का आध्यात्मिक संदेश केवल कथा सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में दिव्य गुणों को धारण कर स्वयं को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ विनय नगर सेवा केंद्र से बीके ज्योति दीदी, सोनिया दीदी, डीडी नगर सेवा केंद्र से मंजरी दीदी, भावना दीदी एवं ज्योति दीदी विशेष रूप से पधारीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में बालेंद्र शुक्ला पूर्व मंत्री भारत सरकार, रामनरेश परमार वरिष्ठ कांग्रेस नेता, वीर सिंह तोमर वरिष्ठ नेता एवं परमानंद जैन समाजसेवी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा कथावाचिका राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी एवं ब्रह्माकुमारीज़ तानसेन नगर सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी सीता दीदी का भी सम्मान किया गया। अतिथियों ने सात दिवसीय श्री शिव महापुराण के सफल आयोजन एवं समाज में आध्यात्मिक चेतना का संदेश पहुंचाने के लिए ब्रह्माकुमारी बहनों की सराहना की। हवन की पूर्णाहुति के साथ वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव से भर उठा। श्रद्धालुओं ने शिव के कल्याणकारी संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, शांति, पवित्रता और सद्भावना का प्रसार करने का संकल्प लिया। इस प्रकार सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ।