पितरों की आत्मा की शांति हेतु गीता पाठ सार बताते हुए 15 को श्रद्धांजलि दी
गिरिराज गुरुजी, ब्रह्म दत्त जी का सकल ब्राह्मण महासमिति ने किया सम्मान
ग्वालियर । सकल ब्राह्मण महा समिति द्वारा 30 सितंबर को सायं काल 5:00 बजे प्रधान कार्यालय , ऊंट पुल पर सितंबर माह में ब्राह्मण समाज के स्वर्गवासी श्रीमती प्रेमलता तिवारी, श्रीमती रामकली देवी गोस्वामी, डॉ, पुलकित शर्मा राजा, गोपाल कृष्ण मिश्रा, रामेश्वर भार्गव,श्रीमती लीला शर्मा, श्रीमती मीना पाराशर, सत्य प्रकाश पाराशर, श्रीमती फुल भार्गव , सतीश चंद्र भार्गव,नीतेश दीक्षित,कन्हैयालाल शर्मा, सुधा शर्मा, धीरेन्द्र कुमार दुबे सहित 15 जनों एवं पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्रीमद् भगवत गीता का 18 वां अध्याय पाठ का सार पंडित गिरिराज गुरुजी, पंडित ब्रह्मदेव शास्त्री जी के मुख्य आचार्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पंडित गिरिराज गुरुजी , पंडित ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री जी को श्रीफल , स्मृति चिन्ह , अंगवस्त्र भेंट कर श्री एच बी शर्मा, देवेंद्र कुमार पाठक, योगेंद्र दीक्षित, शैलेंद्र दीक्षित ने सम्मानित किया । मुख्य आचार्य पंडित गिरिराज गुरुजी ने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता के 18 वें अध्याय में मोक्ष सन्यास योग के साथ,सन्यास और त्याग का अंतर तीन प्रकार के गुण, ज्ञान, कर्म ,कर्ता, बुद्धि,धृति ( दृढ़ता ) ओर सुख का संदेश दिया है।इन सबका सात्त्विक,राजस,तामस - ये तीन प्रकार की विभाजन व्यवस्था है । 78 श्लोक में जीवन का सार है जिसे सभी को आत्मसात करना चाहिए । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थापक डॉ जयवीर भारद्वाज ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज अर्थ युग के कारण संवेदनहीनता बढ़ती जा रही है । जिससे अपने वरिष्ठ जनों को सम्मान करना कम होता जा रहा है । संस्कारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। संचालन जितेन्द्र शर्मा , रचना गौड ने किया । इस अवसर पर सुधा दीक्षित, रेनू शर्मा,मंजू मिश्रा, किरण द्विवेदी ,अनीता दीक्षित,माया भारद्वाज, शशि गोस्वामी,अंजू दीक्षित , किरण मिश्रा ,लक्ष्मी पाराशर, संध्या तिवारी मंजू मिश्रा किरण द्विवेदी सहित अनेकों उपस्थित थे। सभी ने दो मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। आभार सत्येंद्र कुमार गोस्वामी ने माना।
डॉ मुन्नालाल शर्मा, महामंत्री