विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया. मीडिया प्रभारी डॉ सुयश कुमार एवं डॉ राज नारायण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ पवन शर्मा ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते कहा फूड टेक्नोलॉजी विभाग की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी जिसमें प्रशिक्षित छात्रों के लिए प्लेसमेंट के सुनहरे अवसर प्राप्त हैं. विशिष्ट अतिथि, माननीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री, मध्य प्रदेश शासन के प्रतिनिधि बुंदेला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश मसाला उत्पादन में प्रथम स्थान पर, फूल एवं मिर्च में द्वितीय स्थान पर तथा दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत एक उद्यमी को दस लाख तक का अनुदान तथा बड़े प्रोजेक्ट में दस करोड़ तक का अधिकतम अनुदान का प्रावधान है. विशिष्ट अतिथि प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स, ग्वालियर ने छात्रों को आश्वास्त किया कि प्रशिक्षण उपरांत उद्यमी को वाणिज्य से संबंधित सहायता एवं प्रशिक्षण, चेंबर ऑफ कॉमर्स निशुल्क प्रदान करने हेतु तत्पर है. मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजेश तोमर, कुलगुरू, एमिटी विश्वविद्यालय ने बताया कि इस उद्योग में उद्यमी को खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर सर्वाधिक ध्यान देना चाहिए. डॉ अनिल शर्मा, प्रतिनिधि अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, ग्वालियर संभाग ने छात्रों को ध्यानपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने की सलाह दी. मुख्य वक्ता डॉ दीप नारायण यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, डेयरी टेक्नोलॉजी, करनाल ने पोस्ट हार्वेस्टिंग टेक्नोलॉजी से अवगत कराया. अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय प्राचार्य, डॉ सरिता श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में अद्यतन रहने का सुझाव दिया© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur