आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला संपन्न - लाइट के सही प्रयोग से फोटोग्राफ निखरती हैः वीरेंद्र सिंह
- फोटोग्राफी की दुनिया बहुत खूबसूरत हैः वाइस चांसलर प्रोफेसर डा. योगेश उपाध्याय
- फोटो खींचने से पहले हमें अपना विजन ठीक करना होगाः डॉ. मनीष जैसल
- छात्र-छात्राओं ने हैरिटेज फोटोग्राफी के सीखे गुर, मितावली में कैमरे से खोजी विरासत की कहानी

ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा सिनेवर्स फिल्म क्लब द्वारा दो दिवसीय ‘थ्रू द लेंसः फोटोग्राफी कार्यशाला एवं हेरिटेज एक्सकर्शन टूर‘ का मुरैना जिले के मितावली में किया गया। छात्र-छात्राओं को फोटोग्राफी की तकनीक के साथ दृश्य को देखने, समझने और उसे रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने की दृष्टि से विकसित करना था। कार्यशाला में अतिथि के रूप में कैनन इंडिया के प्रोफेशनल फोटोग्राफी मेंटर वीरेंद्र सिंह शामिल हुए। वहीं अध्यक्षता आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय ने की। इस अवसर पर कार्यशाला संयोजक और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. मनीष जैसल के अलावा ट्रेनर के रूप में फोटोग्राफर पंकज सिंह, आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के छायाकार अब्दुल सलीम खान, शैलेश मिश्रा, असस्टिेंट प्रोफेसर सोनाली सिंह, अंकित कुमार शामिल हुए। कार्यशाला और भ्रमण कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं डिजाइन के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। वहीं कार्यशाला का संचालन छात्रा अनुष्का तिवारी द्वारा किया गया।
लाइट के सही प्रयोग से फोटोग्राफ निखरती हैः वीरेंद्र सिंह
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा सिनेवर्स फिल्म क्लब द्वारा आयोजित कार्यशाला के पहले दिन कैनन इंडिया के प्रोफेशनल फोटोग्राफी मेंटर वीरेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को कैमरे की बुनियादी जानकारी, लेंस, फोकस, शूटिंग मोड, एक्सपोयर ट्रायएंगल, प्रकाश, छाया और चित्र संयोजन की बारीकियां समझाईं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि एक अच्छे फोटोग्राफ की शुरुआत कैमरा उठाने से पहले देखने और विषय को समझने से होती है। उन्होंने कहा कि लाइट के सही प्रयोग से फोटोग्राफ निखरती है। उन्होंने प्राकृतिक प्रकाश की दिशा, छाया, उजले हिस्सों और उपलब्ध रोशनी के रचनात्मक उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। छात्र-छात्राओं को अलग-अलग कोणों और प्रकाश की स्थितियों में तस्वीरों के प्रभाव को समझाया। कार्यशाला में कैमरा संचालन, फ्रेमिंग, दृष्टिकोण और चित्र संयोजन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।
फोटोग्राफी की दुनिया बहुत खूबसूरत हैः वाइस चांसलर प्रोफेसर डा. योगेश उपाध्याय
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय ने अनुभव आधारित सीखने, रचनात्मकता और विजुअल कम्युनिकेशन के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी की दुनिया बहुत खूबसूरत है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को रचनात्मक दृष्टि विकसित करते हुए फोटोग्राफी को केवल तकनीक नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में समझने के लिए प्रेरित किया।
फोटो खींचने से पहले हमें अपना विजन ठीक करना होगाः डॉ. मनीष जैसल
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष और कार्यशाला संयोजक डाॅ. मनीष जैसल ने कहा कि फोटो खींचने से पहले हमें अपना विजन ठीक करना होगा। उन्होंने कहा कि कैमरा केवल दृश्य को रिकॉर्ड करता है, लेकिन तस्वीर का अर्थ फोटोग्राफर की दृष्टि, चयन और फ्रेम में तय होता है।
छात्र-छात्राओं ने हैरिटेज फोटोग्राफी के सीखे गुर, मितावली में कैमरे से खोजी विरासत की कहानी
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा सिनेवर्स फिल्म क्लब द्वारा आयोजित कार्यशाला के द्वितीय दिवस छात्र-छात्राओं को मुरैना जिले के जिले के हेरिटेज फोटोग्राफी के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए गए। जहां ‘मितावली थ्रू माय लेंस‘ विषय के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने विरासत स्थल का अवलोकन किया और वास्तु फोटोग्राफी, दृश्य संयोजन, अलग-अलग दृष्टिकोण, प्रकाश-छाया, बनावट तथा दृश्य कहानी कहने का अभ्यास किया। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को ‘एक विषय-तीन दृष्टिकोण‘ चुनौती दी गई। इसमें उन्हें एक ही विषय को तीन अलग-अलग कोणों और दृष्टिकोणों से कैमरे में कैद करना था। छात्र-छात्राओं ने अपने स्तर पर फोटोग्राफी संबंधी अभ्यास किए और मितावली की दृश्य कथा तैयार की।