निगमायुक्त ने भ्रमण कर देखी साफ सफाई व्यवस्था
ग्वालियर। नगर निगम कार्यालयों में कर्मचारी समय पर पहुंच रहे हैं, अथवा नहीं यह जांचने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 4 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर को चेक किया। इसके बाद निगमायुक्त ने हजीरा क्षेत्र का निरीक्षण किया और वहां की समस्याओं को देखा और उनकी निराकरण के निर्देश दिए हैं।
निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 4 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने हाजिरी रजिस्टर चेक किया, इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालय सीमा के अंतर्गत सभी बकायेदारों की जानकारी ली, साथ ही सम्पत्तिकर आदि की जानकारी ली और संपत्ति कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रमटापुरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें वहां पर सीवर की समस्या मिली, निगमायुक्त ने सीवर समस्या हल करने के निर्देश दिए। वहीं स्थानीय निवासियों ने बताया कि रमटापुर क्षेत्र में गंदगी रहती है, निगमायुक्त ने क्षेत्र में सफाई कर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के निर्देष साथ ही आसपास की गलियों का निरीक्षण करते हुए वहां पर व्याप्त समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मान मंदिर टॉकीज के पास सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर स्थानीय लोगों की मांग पर सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निगमायुक्त ने तानसेन मकबरे का निरीक्षण किया और वहां के इतिहास की जानकारी ली। इसके साथ ही मार्केट आदि स्थलों का निरीक्षण किया और वहां पर साफ सफाई पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए। यहां से उन्होंने हजीरा स्थित पुरानी सब्जी मण्डी का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इंटक मैदान के निरीक्षण के दौरान उन्हें वहां पर बारिश का पानी भरा मिला। निगमायुक्त ने सीएंडडी वेस्ट मटेरियल डालकर जलभराव को समाप्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही हजीरा पर बन रही चैपाटी के निर्माण कार्य को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
निगमायुक्त ने जलकर वसूली का दिया टारगेट
निगम द्वारा पीएचई विभाग जलकर वसूली लक्ष्य के अनुसार नहीं किए जाने के चलते निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रति सप्ताह 2 करोड रूपये वसूली का टारगेट दिया है। इसमें एक करोड रूपये पिछले बकाया के शामिल हैं। निगम आयुक्त अभिषेक चैधरी ने पीएचई विभाग की जलकर वसूली की समीक्षा की। समीक्षा में पाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की वसूली लक्ष्य 40 करोड रूपये था, लेकिन इसके विपरीत पीएचई विभाग ने केवल 12.83 करोड रूपये ही वसूल पाए। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति होने में महज 6 माह का समय शेष है, जबकि अभी वसूली पिछड रही है, इसके चलते निगम आयुक्त ने वसूली का साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित किया है।